केरल के पद्मनाभस्वामी मंदिर का रहस्यमय सातवां दरवाजा
केरल के तिरुवनन्तपुरम में स्थित पद्मनाभस्वामी मंदिर का सातवां दरवाजा रहस्यमय है, जिसके खुलने पर प्रलय आने की मान्यता है। इस मंदिर की संपत्ति 1,32,000 करोड़ रुपये है, और इसके 6 द्वार पहले ही खोले जा चुके हैं। जानें इस मंदिर के रहस्यों और मान्यताओं के बारे में, जो इसे और भी दिलचस्प बनाते हैं।
| Apr 7, 2026, 09:44 IST
पद्मनाभस्वामी मंदिर का रहस्य
हर प्राचीन मंदिर के साथ कुछ रहस्य और दिलचस्प कहानियाँ जुड़ी होती हैं। एक ऐसा मंदिर है, जो कई रहस्यों से भरा हुआ है, और इसके साथ कुछ मान्यताएँ भी जुड़ी हुई हैं। मान्यता है कि इस मंदिर का सातवां दरवाजा खुलते ही प्रलय आ जाएगा।
आइए जानते हैं कौन सा मंदिर इस सातवें दरवाजे का संदर्भ है.
- यह मंदिर केरल के तिरुवनन्तपुरम में स्थित है।
- इस मंदिर को पद्मनाभस्वामी मंदिर के नाम से जाना जाता है।
- यह भगवान विष्णु को समर्पित है।
- भगवान विष्णु की प्रतिमा गर्भगृह में स्थापित है।
- भगवान विष्णु शेषनाग पर शयन अवस्था में विराजमान हैं।
- इस मंदिर से जुड़े कई रहस्य हैं।
- यह दुनिया का सबसे धनी मंदिर माना जाता है।
- इसकी कुल संपत्ति लगभग 1,32,000 करोड़ रुपये है।
- त्रावणकोर में 1947 तक राजाओं का शासन था। भारत की आज़ादी के बाद इसे भारत में शामिल किया गया।
- विलय के बाद भी भारत सरकार ने इस धनी मंदिर पर अधिकार नहीं जमाया। यह मंदिर शाही परिवार के नियंत्रण में रहा।
- मंदिर की देखभाल शाही परिवार एक निजी संस्था के माध्यम से करता है।
- इस मंदिर की संपत्ति और रहस्यों को देखते हुए जनता ने दरवाजे खोलने की मांग की।
- सुप्रीम कोर्ट ने 7 सदस्यों की देखरेख में 6 द्वार खोलने का आदेश दिया।
- इन 6 द्वारों से लगभग 1,32,000 करोड़ रुपये के सोने के जेवर और संपत्ति निकली।
- मंदिर का सातवां दरवाजा सबसे रहस्यमय है, जिसके खुलने पर विचार विमर्श चल रहा है।
- इस दरवाजे के खुलने पर प्रलय आने की मान्यता है।
- इस दरवाजे पर कोई कुंडी या नट नहीं है।
- यहाँ केवल दो सर्पों का प्रतिबिंब है, जो इस दरवाजे के रक्षक माने जाते हैं।
- यह दरवाजा केवल मंत्रोच्चारण से खुल सकता है।
- ‘गरुड़ मंत्र’ का प्रयोग किसी सिद्ध पुरुष के माध्यम से करना होगा।
- मंत्र का उच्चारण स्पष्ट न होने पर उस व्यक्ति की मृत्यु भी हो सकती है।
- त्रावणकोर राजपरिवार के मुखिया तिरुनल मार्तंड वर्मा ने कहा है कि उनका जीवन इस मंदिर की देखभाल में बीता है।
- उन्होंने चेतावनी दी है कि सातवें दरवाजे को खोलने पर देश में प्रलय आ सकता है। इसलिए इसे बंद रखना उचित है।
प्राचीन वस्तुओं का निर्माण रहस्यमय तरीकों से किया जाता था और उन्हें मंत्रों से सुरक्षित रखा जाता था। ऐसे में सातवें दरवाजे के अंदर की चीजें जानने की इच्छा तो सबकी है, लेकिन तांत्रिक शक्तियों से बंद वस्तुओं में छेड़छाड़ करना अनुचित होगा।
अगर मंदिर का सातवां दरवाजा बंद है, तो किसी का अहित नहीं हो रहा। लेकिन इसके खुलने पर अहित होने की संभावना है। इसलिए इसे बंद रखना ही उचित है।
