कानपुर मेट्रो के नए रूट पर सफल परीक्षण, दो ट्रेनों का आमना-सामना
कानपुर मेट्रो का कोलिजन टेस्ट
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने कानपुर में अपने नए रूट पर एक महत्वपूर्ण परीक्षण किया, जिसमें दो मेट्रो ट्रेनें आमने-सामने आ गईं। हालांकि, दोनों ट्रेनों ने 20 मीटर पहले ही अपने आप रुक गईं, जिससे वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। उन्हें इस परीक्षण की पूर्व सूचना नहीं थी, जिससे वे दहशत में आ गए।
इससे पहले इस रूट पर कई सफल परीक्षण किए जा चुके हैं, जिसमें ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन मोड का उपयोग किया गया था। हाल ही में, कानपुर सेंट्रल से मेट्रो 80 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से ट्रांसपोर्ट नगर स्टेशन की ओर बढ़ रही थी, तभी दूसरी मेट्रो ट्रेन भी इसी गति से सामने आ गई।
दोनों ट्रेनों ने आमने-सामने आते ही 20 मीटर पहले अपने पहिए रोक दिए। इस कोलिजन टेस्ट के दौरान मेट्रो के उच्च अधिकारी भी उपस्थित थे।
यह परीक्षण कानपुर मेट्रो की आधुनिक CBTC सिग्नल प्रणाली और ऑटोमेटिक ट्रेन ऑपरेशन मोड की विश्वसनीयता को जांचने के लिए किया गया था।
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने बताया कि परीक्षण के दौरान जानबूझकर टक्कर जैसी स्थिति बनाई गई थी, ताकि आपात स्थिति में ट्रेन के ऑटोमेटिक सुरक्षा तंत्र की कार्यक्षमता का मूल्यांकन किया जा सके।
परीक्षण के दौरान, निर्धारित दूरी पर पहुंचते ही दोनों ट्रेनों का ब्रेकिंग सिस्टम स्वतः सक्रिय हो गया और ट्रेनें रुक गईं। इस दौरान 80 किलोमीटर प्रति घंटे की गति पर हाईस्पीड टेस्ट और स्पीड ब्रेक टेस्ट भी सफलतापूर्वक किए गए।
सुशील कुमार ने यह भी बताया कि एक विदेशी एजेंसी द्वारा पूरे रूट का स्वतंत्र सुरक्षा मूल्यांकन किया गया, जिसमें सिग्नल और सुरक्षा मानकों को संतोषजनक पाया गया। उन्होंने कहा कि यात्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार के परीक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं।
कानपुर मेट्रो के नए रूट पर कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता तक मेट्रो सेवा जल्द ही शुरू होने वाली है। यात्रियों की सुरक्षा के लिए विभिन्न परीक्षण लगातार किए जा रहे हैं, और नए स्टेशनों पर सुरक्षा मानकों की भी जांच की जा रही है।
