उत्तराखंड में UCC लागू होने के बाद पहला हलाला मामला दर्ज

उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू होने के बाद पहला हलाला मामला सामने आया है। एक महिला ने अपने पति और उनके परिवार के सदस्यों पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें तीन तलाक और दहेज उत्पीड़न शामिल हैं। पुलिस ने मामले की जांच के बाद UCC के तहत अतिरिक्त केस दर्ज किया है। यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह UCC लागू होने के बाद का पहला हलाला केस है, जो महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा के लिए एक नई उम्मीद जगाता है।
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हलाला का मामला सामने आया

उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) के लागू होने के बाद पहला हलाला मामला सामने आया है। रुड़की की एक महिला ने अपने पति और उनके परिवार के आठ सदस्यों पर तीन तलाक, हलाला और दहेज उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने मामले की जांच के बाद UCC के तहत अतिरिक्त केस दर्ज कर कोर्ट में चार्जशीट भी पेश की है.


महिला की शिकायत

हरिद्वार जिले के रुड़की में रहने वाली एक महिला ने 4 अप्रैल को अपने पति दानिश, ससुर सईद, जेठ मोहम्मद अरसद, देवर प्रवेज, जावेद, सास गुलशाना, ननद सलमा और ननदोई फैजान के खिलाफ दहेज उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई थी। महिला का आरोप है कि उनके पति ने उन्हें तीन तलाक देकर छोड़ दिया और फिर हलाला की प्रक्रिया अपनाई गई।


हलाला की प्रक्रिया

हलाला एक विवादास्पद प्रथा है, जिसमें तलाकशुदा महिला को दूसरी शादी करनी पड़ती है, और फिर उस शादी को समाप्त करके पहली शादी को फिर से किया जा सकता है। महिला का कहना है कि उनके साथ इसी तरह का व्यवहार किया गया। पहले उन्होंने केवल दहेज उत्पीड़न की शिकायत की थी, लेकिन जांच के दौरान हलाला का मामला भी सामने आया।


पुलिस की कार्रवाई

रुड़की के बड़ा वाला थाना क्षेत्र की यह महिला अब सुरक्षित है। पुलिस ने मामले की गहन जांच की और सबूत जुटाए। एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने UCC के तहत अतिरिक्त मुकदमा दर्ज किया है। इसके साथ ही इस मामले में पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट भी दाखिल कर दी है।


महिला के अधिकारों की सुरक्षा

यह मामला इसलिए चर्चा में है क्योंकि यह उत्तराखंड में UCC लागू होने के बाद दर्ज किया गया पहला हलाला केस है। पुलिस का कहना है कि वे महिला की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे और कानून के अनुसार कार्रवाई पूरी करेंगे। इस घटना से यह उम्मीद भी जाग रही है कि UCC के कारण महिलाएं अब अपनी आवाज उठाने में पहले से ज्यादा सक्षम महसूस करेंगी।