ईरान पर अमेरिका और इज़राइल के हमलों के बाद वैश्विक प्रतिक्रिया

ईरान पर अमेरिका और इज़राइल के हमलों के बाद वैश्विक नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। भारत ने सभी पक्षों से संयम बरतने और कूटनीति के माध्यम से स्थिति को सुलझाने की अपील की है। रूस ने इन हमलों की निंदा की है, जबकि पाकिस्तान ने संघर्ष को समाप्त करने की मांग की है। ब्रिटेन ने भी बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने की आवश्यकता पर जोर दिया है। इस स्थिति में तनाव बढ़ने का खतरा है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
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दुनिया भर में चिंता का माहौल

ईरान पर अमेरिका और इज़राइल के हमलों के बाद, वैश्विक नेताओं ने तीव्र प्रतिक्रिया व्यक्त की है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता और विभाजन उत्पन्न हुआ है। फ्रांस और यूरोपीय संघ जैसे देशों ने तुरंत तनाव कम करने और संयम बरतने की अपील की है, जबकि रूस ने इन हमलों की निंदा करते हुए इसे 'हथियारबंद आक्रमण' करार दिया है। दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों ने अमेरिका का समर्थन किया है, जबकि पाकिस्तान और स्पेन ने बड़े युद्ध को टालने के लिए कूटनीति की आवश्यकता पर जोर दिया है। ईरान ने 'निर्णायक' प्रतिक्रिया देने की कसम खाई है और वॉशिंगटन तथा तेल अवीव पर अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है, जिससे क्षेत्रीय संघर्ष का खतरा बढ़ गया है।


भारत की अपील: संयम बरतें सभी पक्ष

भारत ने कहा- सभी पक्ष संयम बरतें


भारत ने शनिवार को कहा कि वह अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त हमले के बाद मिडिल ईस्ट में हालात को लेकर 'गंभीर चिंता' में है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सभी पक्षों से बातचीत और कूटनीति के माध्यम से स्थिति को सुलझाने की अपील की। उन्होंने बताया कि भारतीय मिशन वहां सभी भारतीय नागरिकों के संपर्क में है और उन्हें सतर्क रहने की सलाह दी गई है। जायसवाल ने कहा कि सभी पक्षों को संयम बरतने, तनाव को बढ़ने से रोकने और आम लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है।


रूस की निंदा

रूस ने ईरान पर इजराइल-अमेरिका के हमलों की निंदा की


रूस के विदेश मंत्रालय ने ईरान पर अमेरिकी-इजराइल हमलों की निंदा करते हुए इसे 'संयुक्त राष्ट्र के एक स्वतंत्र सदस्य देश के खिलाफ पूर्व नियोजित आक्रामकता' बताया। मंत्रालय ने सैन्य अभियान को तुरंत रोकने और कूटनीति की ओर लौटने की मांग की। बयान में कहा गया कि वाशिंगटन और तेल अवीव ईरानी परमाणु कार्यक्रम के बारे में चिंताओं का बहाना बनाकर तेहरान में सत्ता परिवर्तन की कोशिश कर रहे हैं। रूस ने परमाणु संयंत्रों पर बमबारी को अस्वीकार्य बताया और शांतिपूर्ण समाधान के लिए मध्यस्थता करने की पेशकश की।


पाकिस्तान की प्रतिक्रिया

पाकिस्तान ने बमलों को अनुचित बताया


पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इसहाक डार ने इजराइल और अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हमलों की निंदा की और संघर्ष को तुरंत समाप्त करने की मांग की। उन्होंने ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से फोन पर बात करते हुए कहा कि संकट का समाधान वार्ता के माध्यम से होना चाहिए। डार ने ईरान के खिलाफ हमलों की कड़ी निंदा की और तनाव को कम करने के लिए कूटनीति की आवश्यकता पर जोर दिया।


ब्रिटेन की अपील

ब्रिटेन ने की बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने की अपील


ब्रिटेन सरकार ने कहा कि उसने अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों में भाग नहीं लिया और संघर्ष को क्षेत्र में फैलने से रोकने के लिए बातचीत के माध्यम से समाधान की आवश्यकता है। डाउनिंग स्ट्रीट ने कहा कि प्रधानमंत्री केअर स्टार्मर क्षेत्र में ब्रिटेन की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए आपातकालीन मंत्रिस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे। सरकार ने कहा कि ब्रिटेन के नागरिकों की सुरक्षा प्राथमिकता है और उन्हें निरंतर राजनयिक सहायता प्रदान की जाएगी।