ईरान ने खोला हवाई क्षेत्र, अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू
ईरान का हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से खुला
ईरान ने अपने हवाई क्षेत्र को आंशिक रूप से खोलने का निर्णय लिया है। देश की सिविल एविएशन अथॉरिटी ने जानकारी दी है कि अब ईरान के पूर्वी हिस्से से गुजरने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को अनुमति दी गई है। इसके साथ ही, कुछ हवाई अड्डे सुबह 7 बजे से चालू कर दिए गए हैं। हालांकि, तीन घंटे बाद भी फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट्स पर ईरान के ऊपर से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय उड़ानें नहीं दिखीं। कई एयरलाइंस सुरक्षा कारणों से अभी भी ईरान के हवाई क्षेत्र से बचकर लंबा रास्ता ले रही हैं।
ईरान का कहना है कि धीरे-धीरे देश के सभी एयरपोर्ट्स पर उड़ानें शुरू की जाएंगी। इस बीच, यूके ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सामान्य जहाजों की आवाजाही को फिर से शुरू करने की अपील की है। ब्रिटेन की विदेश मंत्री यवेट कूपर ने कहा कि सीजफायर के बावजूद इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर स्थिति अभी सामान्य नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए यहां से शिपिंग का पूरी तरह से शुरू होना आवश्यक है।
ईरान ने होर्मुज को शर्तों के साथ खोला
शर्तोंं के साथ होर्मुज को खोला गया: ईरान
ईरान ने स्पष्ट किया है कि होर्मुज स्ट्रेट फिलहाल पूरी तरह से खुला नहीं है। ईरान के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार, यह मार्ग केवल सीजफायर के दौरान और कुछ शर्तों के साथ ही खुला है। उन्होंने कहा कि सैन्य जहाजों और दुश्मन ताकतों से जुड़े जहाजों को यहां से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके अलावा, यदि लेबनान में ईरान समर्थित संगठन हिज्बुल्लाह पर दबाव बढ़ता है, तो यह व्यवस्था बदल सकती है।
ईरान ने अमेरिका के साथ वार्ता से इनकार किया
ईरान का अगले दौर की वार्ता से इनकार
ईरान ने अमेरिका के साथ शांति वार्ता के अगले दौर के लिए सहमति नहीं दी है। ईरान की IRGC से जुड़ी मीडिया ने इस बात की पुष्टि की है। तसनीम न्यूज ने शनिवार को बताया कि ईरान ने फिलहाल अमेरिका के साथ वार्ता के अगले दौर के लिए सहमति नहीं दी है। रिपोर्ट के अनुसार, तेहरान ने एक पाकिस्तानी मध्यस्थ के माध्यम से अमेरिकी अधिकारियों को इस निर्णय की जानकारी दी है।
ईरान में इंटरनेट बैन जारी
ईरान में 50 दिन से इंटरनेट ब्लैकआउट
इस बीच, ईरान में इंटरनेट बैन भी जारी है। इंटरनेट मॉनिटरिंग संस्था NetBlocks के अनुसार, देश में डिजिटल ब्लैकआउट को 50 दिन हो चुके हैं। यानी लगभग सात हफ्तों से लोग वैश्विक इंटरनेट से कटे हुए हैं। यह बाधा 1,176 घंटे से अधिक समय से जारी है, जिससे लोगों के काम, संपर्क और रोजमर्रा की जिंदगी पर गंभीर प्रभाव पड़ा है।
