ईरान ने अमेरिका पर परमाणु संयंत्र पर हमले का आरोप लगाया
ईरान ने अमेरिका पर आरोप लगाया है कि उसने एक निर्माणाधीन परमाणु संयंत्र पर हमला किया। इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित किया है, और IAEA ने मामले की जांच शुरू कर दी है। ईरान की परमाणु एजेंसी ने इसे आतंकवादी कृत्य करार दिया है। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी और इसके संभावित प्रभाव।
| Jul 19, 2026, 23:41 IST
ईरान का आरोप
ईरान ने अमेरिका पर आरोप लगाया है कि उसने देश के दक्षिण-पश्चिम में एक निर्माणाधीन परमाणु संयंत्र पर रात के समय हमला किया। यह दावा अब संयुक्त राष्ट्र के परमाणु निगरानी संगठन की जांच के दायरे में आ गया है। ईरान की परमाणु ऊर्जा संगठन का कहना है कि कई प्रक्षिप्तियों ने खुज़ेस्तान प्रांत में डारखोविन परमाणु संयंत्र स्थल को निशाना बनाया। एजेंसी के अनुसार, यह हमला स्थानीय समयानुसार सुबह 3:39 बजे हुआ। इस संयंत्र का निर्माण 2022 में शुरू हुआ था।
ईरान सरकार की प्रतिक्रिया
ईरान की परमाणु एजेंसी ने इस हमले को आतंकवादी कृत्य बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी। एक बयान में, एजेंसी ने अमेरिका पर दबंगई और कानून की अवहेलना करने का आरोप लगाया, इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का एक आक्रामक और बर्बर उल्लंघन करार दिया। बयान में कहा गया, "आतंकवादी और आपराधिक अमेरिकी शासन, जिसका स्वभाव केवल दबंगई और कानून की अवहेलना करना है, ने अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करते हुए एक आक्रामक और बर्बर कार्य किया।" एजेंसी ने डारखोविन संयंत्र को ईरान की राष्ट्रीय गरिमा और वैज्ञानिक स्वतंत्रता का प्रतीक बताया।संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी एजेंसी की भूमिका
हमले की रिपोर्ट के बाद, अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने पुष्टि की कि वह निर्माण स्थल पर हुई घटनाओं की जांच कर रही है। IAEA ने बताया कि यह संयंत्र अभी निर्माण के प्रारंभिक चरण में है और इसके पिछले निरीक्षण के दौरान इसमें कोई परमाणु सामग्री नहीं थी।इसलिए, एजेंसी का मानना है कि रिपोर्ट किए गए हमले से आसपास के क्षेत्र में कोई रेडियोलॉजिकल खतरा नहीं है।iaeaorg
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