ईरान के यूरेनियम सौदे पर ट्रंप की चौंकाने वाली प्रतिक्रिया
ट्रंप ने हाल ही में दावा किया कि ईरान परमाणु बम के लिए आवश्यक संवर्धित यूरेनियम देने के लिए तैयार है। यह बयान उस समय आया जब ईरान ने 400 किलो यूरेनियम को 60% तक संवर्धित कर लिया है। जानें इस मुद्दे की गहराई और ईरान के परमाणु कार्यक्रम के संभावित प्रभावों के बारे में।
| Apr 17, 2026, 17:53 IST
ट्रंप का दावा और ईरान का यूरेनियम
ईरानी नेताओं के साथ एक महत्वपूर्ण सौदा करने के बाद, ट्रंप ने वाशिंगटन में यह दावा किया कि ईरान अब परमाणु बम के लिए आवश्यक संवर्धित यूरेनियम देने के लिए तैयार है। यह वही यूरेनियम है, जिसे ट्रंप की सेना और उनके एजेंट पिछले 40 दिनों की लड़ाई में नहीं खोज पाए थे। ईरान के परमाणु स्थलों पर हमले करते हुए, ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्होंने ईरान की परमाणु क्षमता को समाप्त कर दिया है, और अब वह अगले 20 वर्षों तक बम नहीं बना सकेंगे।
जिस यूरेनियम को खोजने में असफल रहे, वह अब ईरान खुद देने को तैयार है। ईरान के साथ यह संघर्ष इसी यूरेनियम के लिए हुआ था। एक समय ऐसा आया था जब ट्रंप ने यह धमकी दी थी कि वह एक रात में ईरान की पूरी सभ्यता को नष्ट कर देंगे। हालांकि, उन्होंने ऐसा नहीं किया, लेकिन इस बयान ने ईरान को और अधिक उग्र बना दिया। ईरानी संसद में यह प्रस्ताव आया कि उन्हें परमाणु अप्रसार संधि से बाहर निकल जाना चाहिए और यूरेनियम का संवर्धन तेज करना चाहिए।
ईरान ने 400 किलो यूरेनियम को 60% तक संवर्धित कर लिया है, जिसका मतलब है कि बम बनाने के लिए आवश्यक U235 को 60% तक बढ़ा दिया गया है। प्राकृतिक रूप से, यूरेनियम की चट्टानों में U235 तत्व केवल 0.7% पाया जाता है। 60% संवर्धित यूरेनियम का ऊर्जा उत्पादन में कोई उपयोग नहीं होता, बल्कि यह केवल बम बनाने के लिए होता है। 60% संवर्धन के बाद, इसे बहुत कम समय में 90% तक बढ़ाया जा सकता है। 400 किलो 90% संवर्धित यूरेनियम से ईरान कम से कम 10 परमाणु बम बना सकता है। ट्रंप ने इस विषय पर राष्ट्रपति बनने के बाद से ही बात की है, लेकिन अभी तक किसी ईरानी नेता ने यह संकेत नहीं दिया है कि वे अपना संवर्धित यूरेनियम अमेरिका को सौंप देंगे। रूस ने यह प्रस्ताव दिया था कि यदि ईरान चाहे, तो वह उसके संवर्धित यूरेनियम को अपनी सुरक्षित देखरेख में रख सकता है।
