ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर ट्रंप का कड़ा संदेश

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु सेंट्रीफ्यूज पर हमले की योजना का संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका जल्द ही इस क्षेत्र पर भारी हमला करेगा। यह बयान ईरान के पिकैक्स माउंटेन परिसर में सेंट्रीफ्यूज के स्थानांतरण की रिपोर्ट के बाद आया है। ट्रंप के इस बयान ने वाशिंगटन और तेहरान के बीच बढ़ते तनाव को और बढ़ा दिया है। जानें इस स्थिति के बारे में और क्या हो सकता है।
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ट्रंप का ईरान पर सैन्य कार्रवाई का इरादा


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ईरान के उन क्षेत्रों पर हमला करने की योजना बना रहा है, जहां उसके परमाणु सेंट्रीफ्यूज होने की संभावना है। ट्रंप ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि यह हमला "जल्द ही" और "बहुत भारी" होगा। यह उनकी ओर से तेहरान को दिया गया अब तक का सबसे मजबूत सार्वजनिक चेतावनी है।


ट्रंप ने कहा, "हम उस क्षेत्र पर हमला करेंगे, शायद बहुत जल्द, और वे कुछ नहीं कर सकते।" उन्होंने यह भी कहा कि यदि उन्हें लगता कि ईरान इसका प्रतिरोध कर सकता है, तो वे इस तरह की बातें सार्वजनिक रूप से नहीं करते।


पिकैक्स माउंटेन पर बढ़ती चिंताएं


यह बयान तब आया है जब इजरायली खुफिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि ईरान ने हजारों यूरेनियम समृद्धि सेंट्रीफ्यूज को पिकैक्स माउंटेन में स्थानांतरित किया है, जो नतांज परमाणु संयंत्र के निकट स्थित है। यह परिसर ठोस चट्टान के सैकड़ों फीट नीचे दफन है, जिससे इसे नष्ट करना सतह के स्थलों की तुलना में अधिक कठिन हो जाता है।


ट्रंप के बयान ने वाशिंगटन और तेहरान के बीच बढ़ते तनाव को और बढ़ा दिया है। अमेरिका ने हाल ही में ईरानी सैन्य लक्ष्यों पर हमले किए हैं और आर्थिक दबाव भी बढ़ाया है।


अंतरराष्ट्रीय निरीक्षकों की पहुंच की मांग


अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने पहले कहा था कि ईरान ने पिकैक्स माउंटेन पर परमाणु गतिविधियों की योजना के बारे में जानकारी दी थी, लेकिन निरीक्षकों को साइट के बारे में पूरी जानकारी नहीं दी गई है। पश्चिमी विश्लेषकों का मानना है कि ईरान संवेदनशील समृद्धि गतिविधियों को छिपे हुए स्थानों पर ले जाकर परमाणु हथियारों की क्षमता की ओर बढ़ सकता है।