ईरान के कमांडर वाहिदी पर अमेरिका की नजर, शांति वार्ता में बाधा

अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते में रुकावट आ रही है, जिसका मुख्य कारण ईरान के IRGC प्रमुख अहमद वाहिदी हैं। पेंटागन ने वाहिदी को निशाना बनाने की योजना बनाई है, जिससे वार्ता की प्रक्रिया में सुधार हो सके। जानें वाहिदी की भूमिका और अमेरिका की रणनीति के बारे में।
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अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता में रुकावट

अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते को लेकर स्थिति जटिल हो गई है, जिसका मुख्य कारण ईरान की जिद है। इस बीच, अमेरिकी रक्षा विभाग ईरान में सीमित सैन्य कार्रवाई की योजना बना रहा है। पेंटागन के सूत्रों के अनुसार, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) के प्रमुख अहमद वाहिदी वार्ता में सबसे बड़ी बाधा बने हुए हैं। अमेरिका इज़राइल के सहयोग से वाहिदी को निशाना बनाने की तैयारी कर रहा है।


वाहिदी की भूमिका और अमेरिका की रणनीति

वाहिदी को इस साल मार्च में IRGC का प्रमुख नियुक्त किया गया था, जब मोहम्मद पाकपूर की हत्या हुई थी। सूत्रों के अनुसार, कुछ लक्ष्यों को समाप्त करने से ईरान वार्ता की प्रक्रिया में लौट सकता है। यह माना जा रहा है कि शासन में कुछ ऐसे तत्व हैं जो बातचीत में रुकावट डाल रहे हैं।


वाहिदी की हत्या का कारण

1. अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि वाहिदी शांति वार्ता में सबसे बड़ा अवरोधक हैं। मंगलवार (21 अप्रैल) को ईरान और अमेरिका के बीच इस्लामाबाद में बैठक होनी थी, लेकिन ईरान का प्रतिनिधिमंडल अंतिम समय पर नहीं आया। कहा जा रहा है कि वाहिदी ने दबाव डालकर प्रतिनिधिमंडल को बैठक में शामिल नहीं होने दिया। IRGC चाहता है कि अमेरिका पहले होर्मुज के बाहर की नाकाबंदी खोले, फिर वार्ता शुरू हो।


2. न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, मुज्तबा खामेनेई गंभीर रूप से घायल हैं, जिससे अहमद वाहिदी सभी महत्वपूर्ण निर्णय ले रहे हैं। वाहिदी को खामेनेई परिवार का करीबी माना जाता है और उन्हें अयातुल्ला अली खामेनेई ने IRGC का डिप्टी चीफ नियुक्त किया था।


अहमद वाहिदी का परिचय

अहमद वाहिदी, जिनका असली नाम वहीद शाहचेराघी है, ईरान के सबसे शक्तिशाली IRGC के प्रमुख हैं। उनका जन्म 1958 में हुआ था और वे ईरान में शाह पहेलवी के खिलाफ आंदोलन में शामिल रहे। 1979 में जब IRGC की स्थापना हुई, तब से वे इसमें सक्रिय हैं।


वाहिदी को ईरान के पूर्व IRGC प्रमुख कासिम सुलेमानी का करीबी सहयोगी माना जाता था। टॉप कमांडरों की हत्या के कारण उन्हें IRGC का प्रमुख बनाया गया। न्यूयॉर्क पोस्ट के अनुसार, वाहिदी ने ईरान नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रमुख मोहम्मद बाघेर जोलघाद्र के साथ गठबंधन किया है, जिससे वहां की चुनी हुई सरकार और उदारवादी नेता पूरी तरह से हाशिए पर चले गए हैं।