ई-कॉमर्स कंपनी पर 6 लाख का जुर्माना, एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री बेचने पर कार्रवाई

हाल ही में, भारत के खाद्य सुरक्षा नियामक ने एक ई-कॉमर्स कंपनी पर 6 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री बेचने के कारण की गई है। उपभोक्ताओं की शिकायतों के आधार पर की गई इस जांच में पाया गया कि कई उत्पादों की एक्सपायरी डेट निकल चुकी थी। यह मामला अब कोर्ट में पहुंच गया है, जहां पुख्ता सबूतों के आधार पर जुर्माना लगाया गया। FSSAI ने सभी खाद्य व्यवसायों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करें। उपभोक्ताओं को भी अपनी शिकायतें दर्ज कराने के लिए जागरूक किया गया है।
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ऑनलाइन डिलीवरी ऐप्स का बढ़ता उपयोग और उसके जोखिम

आजकल, हम अपनी छोटी-बड़ी जरूरतों के लिए ऑनलाइन डिलीवरी ऐप्स पर निर्भर हो गए हैं। ग्रॉसरी से लेकर पैक्ड फूड तक, सब कुछ चंद मिनटों में हमारे दरवाजे पर पहुंच जाता है। हालांकि, इस सुविधा के साथ एक बड़ा खतरा भी जुड़ा हुआ है। कई बार, जल्दबाजी या निगरानी की कमी के कारण ग्राहकों को एक्सपायर्ड और खराब गुणवत्ता का सामान दिया जाता है। अब, भारत के प्रमुख खाद्य नियामक, खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण ने इस पर कड़ा कदम उठाया है। एक ई-कॉमर्स कंपनी पर 6 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया गया है।


शिकायतों के आधार पर की गई कार्रवाई

यह लंबे समय से चिंता का विषय रहा है कि कई ई-कॉमर्स ऑपरेटर अपनी बिक्री और डिलीवरी की गति बढ़ाने के चक्कर में गुणवत्ता नियंत्रण को नजरअंदाज कर रहे हैं। FSSAI को उपभोक्ताओं से लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए, प्राधिकरण के उत्तरी क्षेत्रीय कार्यालय ने एक विस्तृत जांच अभियान चलाया। इस जांच की निगरानी आईपीएस अधिकारी देवेश कुमार महला ने की। जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर ऐसे खाद्य पदार्थ बेचे जा रहे थे, जिनकी एक्सपायरी डेट निकल चुकी थी या जो खाने के लिए अनुपयुक्त थे। यह सीधे तौर पर खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन था।


कानूनी कार्रवाई और भारी जुर्माना

खाद्य सुरक्षा कोई साधारण व्यावसायिक मुद्दा नहीं है जिसे चेतावनी देकर छोड़ दिया जाए। केंद्रीय खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने मामले की गहराई से जांच की, जिसमें खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 और अन्य नियमों का उल्लंघन पाया गया। मामला इतना गंभीर था कि इसे गुरुग्राम के अतिरिक्त जिला आयुक्त कोर्ट में पेश किया गया। पुख्ता सबूतों के आधार पर, कोर्ट ने संबंधित ई-कॉमर्स फूड बिजनेस ऑपरेटर पर 6 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। यह जुर्माना ई-कॉमर्स और खाद्य डिलीवरी उद्योग के लिए एक सख्त संदेश है कि डिजिटल लाभ के नाम पर जनता के स्वास्थ्य से समझौता नहीं किया जा सकता।


खाद्य सुरक्षा के मानकों का पालन अनिवार्य

इस दंडात्मक कार्रवाई के साथ, FSSAI ने बाजार के लिए अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। प्राधिकरण ने सभी खाद्य व्यवसाय ऑपरेटरों और ऑनलाइन कंपनियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि उन्हें खाद्य सुरक्षा के मानकों का पालन करना होगा। इसका मतलब है कि उत्पाद की सही लेबलिंग, साफ-सफाई और वैध लाइसेंस के बिना व्यापार करना अब कंपनियों के लिए महंगा साबित होगा। नियामक ने स्पष्ट किया है कि लोगों की सेहत के साथ किसी भी तरह का समझौता अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कोई कंपनी इन बुनियादी मानकों का उल्लंघन करती है, तो उसे भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।


उपभोक्ताओं के अधिकार और शिकायत की प्रक्रिया

इस मामले का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह कार्रवाई आम लोगों की सक्रिय शिकायतों के आधार पर संभव हुई है। इसलिए, FSSAI ने सभी उपभोक्ताओं से सतर्क रहने की अपील की है। यदि आपको किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म या सामान्य दुकान पर खराब या एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री मिलती है, तो चुप न रहें। आप तुरंत 'Food Safety Connect App' या अन्य सरकारी उपभोक्ता शिकायत पोर्टल्स पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।