इबोला वायरस की नई लहर: अफ्रीका से बढ़ती स्वास्थ्य चुनौती
नई स्वास्थ्य चुनौती का सामना
कोरोना महामारी के बाद, जब दुनिया ने थोड़ी राहत महसूस की थी, तब एक बार फिर से अफ्रीका से स्वास्थ्य संकट उभरकर सामने आया है। इबोला वायरस की एक नई लहर तेजी से फैल रही है, जिसमें मुख्य रूप से डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC), युगांडा और साउथ सूडान प्रभावित हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 17 मई 2026 को इसे अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल (PHEIC) घोषित किया है.
वर्तमान स्थिति
क्या है स्थिति?
यह प्रकोप DRC के इटुरी प्रांत में मई 2026 की शुरुआत में अज्ञात बीमारी के रूप में शुरू हुआ था, जिसे अब बुंदिबुग्यो वायरस (Ebola Bundibugyo strain) के रूप में पहचाना गया है। 16 मई तक, DRC में 246 संदिग्ध मामले और 80 मौतें दर्ज की गई हैं, जबकि 8 मामलों की पुष्टि हुई है। युगांडा में भी DRC से आए यात्रियों में पुष्टि के मामले सामने आए हैं। कुल मिलाकर, सैकड़ों संदिग्ध मामलों और 130 से अधिक मौतों की आशंका जताई जा रही है.
अमेरिका की प्रतिक्रिया
अमेरिका की सख्ती
18 मई 2026 को, अमेरिका ने सख्त कदम उठाते हुए CDC और DHS के माध्यम से युगांडा, DRC और साउथ सूडान से आने वाले गैर-अमेरिकी यात्रियों पर 30 दिनों के लिए एंट्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। जिन लोगों ने पिछले 21 दिनों में इन देशों का दौरा किया है, उन्हें अमेरिका में प्रवेश नहीं मिलेगा, सिवाय अमेरिकी नागरिकों और कुछ अपवादों के। शिकागो के ओहेयर इंटरनेशनल एयरपोर्ट सहित कई प्रमुख एयरपोर्ट्स पर प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों की विशेष स्वास्थ्य स्क्रीनिंग शुरू की गई है, जिसमें थर्मल स्क्रीनिंग, लक्षण जांच और निगरानी शामिल है.
भारत और अन्य देशों में अलर्ट
भारत और अन्य देशों में अलर्ट
भारत के दिल्ली एयरपोर्ट समेत प्रमुख एयरपोर्ट्स पर अफ्रीकी देशों से आने वाले यात्रियों के लिए स्वास्थ्य अलर्ट जारी किया गया है। यात्रियों को 21 दिनों तक लक्षणों (जैसे बुखार, उल्टी, दस्त, शरीर में दर्द, खून बहना आदि) पर ध्यान देने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय स्थिति पर नजर रखे हुए है.
इबोला के लक्षण और फैलाव
इबोला के लक्षण और फैलाव
इबोला संक्रमित व्यक्ति के शरीर के तरल पदार्थ (जैसे खून, लार, पसीना, उल्टी) के संपर्क से फैलता है। लक्षण 2 से 21 दिनों के भीतर प्रकट होते हैं। प्रारंभिक लक्षणों में तेज बुखार, थकान, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द और गले में खराश शामिल हैं। इसके बाद उल्टी, दस्त और आंतरिक रक्तस्राव हो सकता है। इस स्ट्रेन की मृत्यु दर काफी ऊंची है। WHO ने इस पर चेतावनी जारी की है और संपर्क ट्रेसिंग, आइसोलेशन और टीकाकरण (जहां उपलब्ध) पर जोर दिया है। हालांकि, इस स्ट्रेन के लिए विशेष वैक्सीन सीमित हैं। संगठन यात्रा प्रतिबंध का विरोध कर रहा है और वैज्ञानिक सहयोग पर जोर दे रहा है.
