इटली ने अमेरिकी सैन्य विमानों को सिगोनेला एयर बेस पर लैंडिंग की अनुमति नहीं दी
इटली का निर्णय
इटली ने रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सैन्य विमानों को सिसिली के सिगोनेला एयर बेस पर लैंडिंग की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। यह जानकारी मंगलवार को मिली, जिसमें बताया गया कि कुछ अमेरिकी बमवर्षक विमानों को मध्य पूर्व की ओर उड़ान भरने से पहले इस एयर बेस पर लैंड करना था। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं किया गया कि ये विमानों को कब लैंड करना था।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इटली ने अनुमति नहीं दी क्योंकि अमेरिका ने इस संबंध में कोई आधिकारिक अनुरोध नहीं किया था और इटली की सैन्य नेतृत्व से परामर्श नहीं किया गया, जो कि देश में अमेरिकी सैन्य स्थलों के उपयोग के लिए आवश्यक है। इटली के रक्षा मंत्रालय ने इस पर तुरंत कोई टिप्पणी नहीं की।
विपक्षी दलों ने सरकार से आग्रह किया है कि वह इटली में अमेरिकी सैन्य ठिकानों के उपयोग को रोकें ताकि इस संघर्ष में शामिल होने से बचा जा सके। प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की दाहिनी ओर की सरकार ने कहा है कि यदि कोई ऐसा अनुरोध किया जाता है, तो वह संसदीय अनुमति प्राप्त करेगी।
हाल के रिपोर्टों के अनुसार, इटली, स्पेन और श्रीलंका ने अमेरिकी सैन्य विमानों को अपने हवाई क्षेत्र या एयरबेस का उपयोग करने से मना कर दिया है, जिससे 2026 के मध्य पूर्व संघर्ष और लॉजिस्टिक्स पर प्रभाव पड़ा है। स्पेन ने युद्ध से जुड़े अमेरिकी उड़ानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया है और श्रीलंका ने दो लड़ाकू विमानों के लिए लैंडिंग की अनुमति देने से इनकार कर दिया है।
कुछ प्रमुख उदाहरण जहां देशों ने अमेरिकी विमानों के संचालन को अस्वीकार किया:
- इटली (मार्च 2026): सिगोनेला एयर बेस पर मध्य पूर्व के लक्ष्यों के लिए अमेरिकी सैन्य विमानों को लैंडिंग की अनुमति नहीं दी, बिना आधिकारिक अनुमति के।
- स्पेन (मार्च 2026): ईरान संघर्ष में शामिल अमेरिकी विमानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र का उपयोग करने से मना किया।
- श्रीलंका (मार्च 2026): दो अमेरिकी लड़ाकू विमानों के लिए ग्राउंड एक्सेस और लैंडिंग अनुरोधों को अस्वीकार किया।
