अयोध्या में नमाज पढ़ने की कोशिश करने वाले कश्मीरी व्यक्ति को सुरक्षा ने पकड़ा
अयोध्या में सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था
अयोध्या में एक 55 वर्षीय कश्मीरी व्यक्ति ने राम मंदिर परिसर में नमाज पढ़ने का प्रयास किया। जैसे ही उसने नमाज के लिए कपड़ा बिछाया, वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों ने उसे तुरंत पकड़ लिया। इसके बाद वह नारेबाजी करने लगा।
उसने अपनी पहचान अबु अहद शेख के रूप में बताई, जो कश्मीर के शोपियां का निवासी है। सूचना मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं। अबु अहद शेख से राम मंदिर परिसर में बने पुलिस कंट्रोल रूम में पूछताछ की जा रही है कि वह अयोध्या क्यों आया था। उसके बयान की पुष्टि के लिए राम मंदिर पथ और रेलवे स्टेशन के CCTV फुटेज की जांच की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, यह संदिग्ध व्यक्ति बिहार के रास्ते यूपी और फिर अयोध्या पहुंचा। हालांकि, प्रारंभ में तीन लोगों के पकड़े जाने की सूचना थी, लेकिन अयोध्या के SSP गौरव ग्रोवर ने स्पष्ट किया कि केवल एक ही व्यक्ति पकड़ा गया है।
अबु अहद शेख ने राम मंदिर के गेट D1 से प्रवेश किया और सीता रसोई के पास नमाज पढ़ने के लिए बैठ गया। पुलिस ने उसे ऐसा करते हुए देख लिया और तुरंत हिरासत में ले लिया। दरअसल, राम मंदिर में प्रवेश के समय केवल चेकिंग होती है, जबकि आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र की जांच नहीं की जाती। इसी का लाभ उठाकर अबु अहद शेख मंदिर परिसर में प्रवेश कर गया। वह सीता रसोई तक पहुंचा, जो मुख्य मंदिर से केवल 200 मीटर की दूरी पर है, और वहां नमाज पढ़ने का प्रयास किया।
राम मंदिर के प्रवेश द्वार पर डॉग स्क्वायड और बम स्क्वायड द्वारा श्रद्धालुओं की चेकिंग की जा रही थी। जब सुरक्षाकर्मियों ने अबु अहद शेख को रोका, तो उसने नारेबाजी शुरू कर दी। घटना की सूचना मिलते ही खुफिया एजेंसियां, स्थानीय पुलिस और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी सक्रिय हो गए। हालांकि, जिला प्रशासन ने इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। राम मंदिर ट्रस्ट ने भी इस प्रकरण पर चुप्पी साध रखी है।
SSP डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि पकड़े गए अबु अहद शेख के पास से आधार कार्ड मिला है। CCTV फुटेज की जांच की जा रही है। वह परकोटे के पास कपड़ा बिछाने लगा था, जिससे सुरक्षाकर्मियों को शक हुआ। जब वह नमाज पढ़ने के अंदाज में बैठने लगा, तब सुरक्षाकर्मियों ने उसे पकड़ लिया। सभी जांच एजेंसियां उसकी बताई गई जानकारी के आधार पर वेरिफिकेशन कर रही हैं। राम मंदिर में हर दिन लगभग डेढ़ लाख श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। मंदिर पर आतंकी हमले की धमकियां मिलती रहती हैं, इसलिए सरकार ने NSG की यूनिट स्थापित करने का निर्णय लिया है।
अयोध्या में एक व्यक्ति को पकड़े जाने के बाद शॉल बेचने वाले दो अन्य लोगों को भी उठाया गया है। मंदिर की सुरक्षा की जिम्मेदारी SSF के हाथों में है, जिसमें 200 जवान तैनात हैं। हाल ही में UP सरकार ने PAC और पुलिस के जवानों को मिलाकर SSF का गठन किया था। मंदिर को बम से उड़ाने की कई धमकियां मिल चुकी हैं।
22 अगस्त 2024 को श्रीरामजन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के हेल्प डेस्क मोबाइल नंबर पर वॉट्सऐप के माध्यम से धमकी दी गई थी। धमकी भरे संदेश में लिखा गया था कि 'बहुत जल्द वे मंदिर को नष्ट कर देंगे और मस्जिद बनाएंगे। मंदिर को 4000 किलो RDX से नष्ट कर दिया जाएगा।' इस मामले में UP ATS ने 14 सितंबर को बिहार के भागलपुर से मोहम्मद मकसूद नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया था। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि मकसूद राम मंदिर निर्माण से नाराज था।
28 मई 2024 को पहले एक ID से इंस्टाग्राम पर पोस्ट की गई। फिर 112 पर कॉल आई। राम मंदिर को उड़ाने की धमकी मिलते ही पुलिस ने साइबर एक्सपर्ट और सर्विलांस टीम को तुरंत सक्रिय किया। दहशत न फैले, इसलिए पुलिस ने अंदरखाने जांच की। जांच में धमकी देने वाले की लोकेशन कुशीनगर की निकली। पुलिस ने धमकी देने वाले बलुआ तकिया क्षेत्र के रहने वाले एक 16 साल के किशोर को हिरासत में लेकर पूछताछ की। प्रारंभिक जांच में पता चला कि नाबालिग मानसिक तौर पर स्वस्थ नहीं है।
