अमेरिका में शिक्षक पर छात्र के साथ अनुचित संबंध का आरोप
अमेरिका में विवादास्पद मामला
अंतर्राष्ट्रीय डेस्क: एक 55 वर्षीय महिला शिक्षक पर अपने 16 वर्षीय छात्र के साथ अनुचित संबंध रखने का आरोप अमेरिका में चर्चा का विषय बन गया है। जांच में यह सामने आया है कि महिला ने केवल तीन महीनों में छात्र को 19,000 से अधिक टेक्स्ट संदेश भेजे और उनके बीच लगभग 600 फोन कॉल्स भी हुईं।
आरोपी का नाम अमांडा काट्ज़ है, जो एक स्कूल में शिक्षक और प्रशासनिक सहायक के रूप में कार्यरत थीं। पुलिस के अनुसार, दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच दोनों के बीच लगातार संपर्क बना रहा।
मामला तब उजागर हुआ जब छात्र की मां को पता चला रिपोर्ट के अनुसार, यह मामला तब सामने आया जब छात्र की मां को महिला और किशोर के बीच के संदेशों की जानकारी मिली। एक पारिवारिक यात्रा के दौरान कुछ संदेशों का पता चला, जिसके बाद जांच शुरू की गई। जांच एजेंसियों ने हजारों संदेशों और सैकड़ों कॉल्स का रिकॉर्ड प्राप्त किया। अदालत में प्रस्तुत दस्तावेजों के अनुसार, कई संदेशों में महिला ने छात्र के प्रति गहरे भावनात्मक लगाव का उल्लेख किया था।
भावनात्मक संदेशों का खुलासा जांच दस्तावेजों में एक संदेश में महिला ने लिखा, "मैं तुम्हारे बारे में सोचना बंद नहीं कर पा रही हूं।" एक अन्य संदेश में उसने कहा, "मैं तुम्हारे लिए पागल हूं।" पुलिस का दावा है कि दोनों के बीच भविष्य की योजनाओं, रिश्ते और इस संबंध को छिपाने जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई थी। जांचकर्ताओं के अनुसार, छात्र ने बताया कि महिला ने उसे कुछ उपहार भी दिए थे, जिनमें एक पॉकेट नाइफ और एक गेमिंग डिवाइस शामिल थे। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि महिला ने छात्र को उसके परिवार से दूर जाकर उसके साथ नई जिंदगी शुरू करने का सुझाव दिया था। जब छात्र ने दूरी बनानी शुरू की, तो महिला ने कई भावनात्मक संदेश भेजे और अपना दिल टूटने की बात कही।
गिरफ्तारी और जमानत मामला सार्वजनिक होने के बाद अमांडा काट्ज ने 30 अप्रैल को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने 2 जून को उन्हें गिरफ्तार किया। बाद में 25,000 डॉलर के बॉन्ड पर उन्हें रिहा कर दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों तथा गवाहों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला एक बार फिर शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा, कर्मचारियों के आचरण और नाबालिगों के साथ पेशेवर सीमाओं पर गंभीर सवाल उठाता है। जांच पूरी होने तक आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्धारण अदालत की प्रक्रिया के माध्यम से होगा।
