अमेरिका-ईरान तनाव: ट्रंप ने ओबामा पर साधा निशाना
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव
अमेरिका और ईरान के बीच का टकराव एक बार फिर गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है, और अब यह केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं रह गया है। तेल की कीमतें बढ़ रही हैं, खाड़ी देशों में ड्रोन की गतिविधियाँ बढ़ गई हैं, और दुनिया की महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग, स्ट्रीट ऑफ हॉर्मोस, पर तनाव बना हुआ है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ कड़े बयान दिए हैं।
ट्रंप ने कहा कि ईरान पिछले 47 वर्षों से अमेरिका और पूरी दुनिया को धोखा देता आ रहा है। उन्होंने ईरान पर आरोप लगाया कि उसने अमेरिका को धोखा देने के लिए टालमटोल की रणनीति अपनाई। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा की आलोचना करते हुए कहा कि ओबामा प्रशासन ने 2015 के परमाणु समझौते के तहत ईरान को आर्थिक रूप से मजबूत किया।
ट्रंप ने यह भी कहा कि ओबामा ने ईरान को सैकड़ों अरब डॉलर दिए और इससे ईरान को नई ताकत मिली। उन्होंने कहा कि ईरान ने अमेरिका को मूर्ख समझा, लेकिन अब वह हंसने की स्थिति में नहीं रहेगा। ट्रंप ने यह भी बताया कि अमेरिका ने ईरान को एक शांति प्रस्ताव भेजा था, लेकिन ईरान का जवाब अस्वीकार्य था।
हालांकि, ट्रंप ने ईरान के जवाब की सामग्री का खुलासा नहीं किया। दूसरी ओर, ईरानी मीडिया के अनुसार, ईरान ने अमेरिका से युद्ध में हुए नुकसान का मुआवजा मांगा है और आर्थिक प्रतिबंध हटाने की मांग की है। ईरान ने यह भी कहा कि युद्ध केवल ईरान तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि पूरे क्षेत्र में शांति स्थापित होनी चाहिए।
ट्रंप ने कुछ ही घंटों बाद ईरान के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। इस बीच, वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान अपने उच्च समृद्ध यूरेनियम का कुछ हिस्सा कम डाइल्यूट करने और शेष किसी तीसरे देश को सौंपने पर विचार कर रहा है।
बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि ईरान के खिलाफ युद्ध अभी खत्म नहीं हुआ है और एनरिचड यूरेनियम को हटाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सबसे अच्छा रास्ता कूटनीति है, लेकिन जरूरत पड़ने पर कठोर कदम उठाने से भी पीछे नहीं हटेंगे। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजस्कियान ने कहा कि हम कभी भी दुश्मन के सामने सिर नहीं झुकाएंगे।
इस बीच, अमेरिकी रिपब्लिकन सेनेटर लिंजी ग्राहम ने कहा है कि ट्रंप को अब सैन्य कार्रवाई पर विचार करना चाहिए, क्योंकि तनाव केवल बयानों तक सीमित नहीं है।
