पटना: इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) ने पटना-टाटानगर वंदे भारत एक्सप्रेस में परोसे गए अमूल दही की गुणवत्ता को लेकर आई शिकायतों पर कड़ा रुख अपनाया है। IRCTC ने कैटरिंग सेवा के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए कॉन्ट्रैक्ट समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और अमूल से स्पष्टीकरण भी मांगा है।
ब्लैकलिस्टिंग की प्रक्रिया भी शुरू
IRCTC ने एक बयान में कहा कि ट्रेन में परोसे गए अमूल दही की गुणवत्ता को लेकर आई शिकायतों को गंभीरता से लिया गया है। इसके तहत कैटरिंग सेवा पर भारी जुर्माना लगाया गया है और उसे ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। इसके साथ ही, 27 मार्च को अमूल को तलब कर इस गंभीर मुद्दे पर जवाब मांगा गया है। यह कार्रवाई उन यात्रियों की शिकायतों के बाद की गई है, जो सोशल मीडिया पर खराब दही परोसे जाने की बात कर रहे थे। इस मामले के बढ़ते विवाद के बाद IRCTC ने तुरंत जांच के आदेश दिए और खाद्य गुणवत्ता तथा हैंडलिंग प्रक्रिया की समीक्षा शुरू की।
10 लाख रुपये का जुर्माना
IRCTC के अनुसार, इस मामले में 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा, ऑनबोर्ड सेवा प्रदाता पर 50 लाख रुपये का अतिरिक्त जुर्माना लगाते हुए उसके कॉन्ट्रैक्ट को समाप्त करने के निर्देश दिए गए हैं। यह घटना एक बार फिर प्रीमियम ट्रेनों जैसे वंदे भारत में खाद्य गुणवत्ता पर सवाल उठाती है। IRCTC ने हाल के वर्षों में स्वच्छता, पैकेजिंग और विक्रेता की जिम्मेदारी को लेकर नियमों को कड़ा किया है, जिसमें मानकों के उल्लंघन पर जुर्माना और ब्रांडेड खाद्य उत्पादों की अनिवार्य सोर्सिंग शामिल है।
अमूल जैसी बड़ी FMCG कंपनी को तलब करना एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे यह संकेत मिलता है कि IRCTC अब केवल ऑनबोर्ड विक्रेताओं ही नहीं, बल्कि सप्लाई चेन से जुड़े बड़े ब्रांड्स की जिम्मेदारी तय करने की दिशा में भी कदम बढ़ा रहा है।
