यूक्रेन और रूस के बीच बढ़ते तनाव: पुतिन के पैलेस पर हमले की सच्चाई
पुतिन के आवास पर हमले का विवाद
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आवास पर हमले का मामला जटिल होता जा रहा है। यूक्रेन का दावा है कि उसने पुतिन के पैलेस पर नहीं, बल्कि एक सामरिक ठिकाने पर हमले किए हैं। अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए की रिपोर्ट के अनुसार, पुतिन के पैलेस पर कोई हमला नहीं हुआ है। इस मामले की जानकारी पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप को भी दी गई है। वहीं, रूस और बेलारूस का कहना है कि अब कीव के नीति निर्माता उनके निशाने पर हैं। बेलारूस के राष्ट्रपति ने कीव पर हमले की चेतावनी दी है। 30 दिसंबर को यह खबर आई थी कि यूक्रेन ने पुतिन के राजकीय आवास पर हमले किए हैं, लेकिन यह सच नहीं है। ट्रंप ने इस हमले की खबर के बाद रूस का समर्थन किया था और कहा था कि यूक्रेन को टोमहक मिसाइल नहीं देना सही निर्णय था। यूरोप के सभी देशों ने भी इस पर सहमति जताई है कि रूस झूठे आरोप लगा रहा है। हालांकि, रूसी रक्षा मंत्रालय ने सबूत पेश किए हैं कि कीव ने जानबूझकर राष्ट्रपति के आवास को निशाना बनाया।
बेलारूस की धमकी और रूस के संभावित लक्ष्य
रूस का कहना है कि यूक्रेन के हमलों को जानबूझकर नजरअंदाज किया जा रहा है, लेकिन वह इसे अनदेखा नहीं कर सकता। बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लोकाशेंको ने भी कीव पर हमले की धमकी दी है। लुकाशेंको का इशारा स्पष्ट है कि 2026 में कीव की महत्वपूर्ण इमारतों पर रूस के हमले हो सकते हैं। रूस का पहला लक्ष्य यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की का आधिकारिक आवास हो सकता है। इसके अलावा, यूक्रेन का राष्ट्रपति कार्यालय, जो बाकोवा स्ट्रीट पर स्थित है, भी रूस के निशाने पर है। यहां से युद्ध से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाते हैं। रूस का तीसरा लक्ष्य वेर खोबना राधा, जो कि यूक्रेन का संसद भवन है, हो सकता है। चौथा लक्ष्य हाउस ऑफ गवर्नमेंट हो सकता है, जहां मंत्रिमंडल की बैठकें होती हैं। आशंका है कि रूस यहां बैलेस्टिक मिसाइलों से हमले कर सकता है।
नए साल में बढ़ता खतरा
नए साल में खतरा केवल यहीं तक सीमित नहीं है। रूस के मिसाइल और ड्रोन हमलों के साथ-साथ कीव में ग्राउंड ऑपरेशन भी शुरू हो सकते हैं। बेलारूस की भूमि से रूसी सेना यूक्रेन में प्रवेश कर एक नया युद्ध मोर्चा खोल सकती है। पुतिन के पैलेस पर हमले का मुद्दा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना था। उसी समय, यूक्रेन ने कहा था कि रूस नए और बड़े हमलों का आधार तैयार कर रहा है। अब नए साल में स्थिति उसी दिशा में बढ़ती दिख रही है। बेलारूस और यूक्रेन की सीमा पर रूसी सेना पहले से तैनात है, और बेलारूस के फ्रंट से हमले शुरू हो सकते हैं।
