चित्तौड़गढ़ में ट्रेन के वॉशरूम में महिला की मौत, साइलेंट हार्ट अटैक का संदेह

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में एक दुखद घटना में, एक महिला की ट्रेन के वॉशरूम में अचानक मौत हो गई। यह घटना तब हुई जब वह अपने पति के साथ यात्रा कर रही थीं। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, उनकी मौत का कारण 'साइलेंट हार्ट अटैक' हो सकता है। जानें इस घटना के बारे में और कैसे रेलवे पुलिस ने मामले की जांच की।
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दुखद घटना का विवरण

चित्तौड़गढ़: राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने रेल यात्रा कर रहे सभी यात्रियों को हिला कर रख दिया है। कांचीगुड़ा-भगत की कोठी एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे निंबाहेड़ा के अतिरिक्त जिला न्यायाधीश राजकुमार चौहान की पत्नी की ट्रेन के वॉशरूम में मृत्यु हो गई। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, उनकी मौत का कारण 'साइलेंट हार्ट अटैक' बताया जा रहा है, जिसने उन्हें मदद मांगने का भी मौका नहीं दिया।


अलग-अलग डिब्बों में यात्रा

जानकारी के अनुसार, राजकुमार चौहान और उनकी पत्नी उषा चौहान बुधवार को सोजत से निंबाहेड़ा लौट रहे थे। दुर्भाग्यवश, उनका रिजर्वेशन अलग-अलग कोच में था, जिससे वे अलग-अलग डिब्बों में यात्रा कर रहे थे। किसी को भी अंदाजा नहीं था कि यह यात्रा उनकी अंतिम मुलाकात साबित होगी।


आखिरी बातचीत

जब ट्रेन निंबाहेड़ा स्टेशन के करीब पहुंच रही थी, तब उषा चौहान ने अपने पति को फोन किया और बताया कि वह वॉशरूम जा रही हैं। ट्रेन स्टेशन पर पहुंची, और जज राजकुमार चौहान अपना सामान लेकर नीचे उतर गए, पत्नी के बाहर आने का इंतजार करने लगे। यात्रियों का उतरना जारी रहा, लेकिन उषा चौहान नजर नहीं आईं।


मोबाइल ट्रैकिंग से खुला राज

जज ने घबराकर तुरंत रेलवे पुलिस को सूचित किया। जब उषा का मोबाइल ट्रैक किया गया, तो उसकी लोकेशन चलती ट्रेन में ही मिली। इसके बाद हड़कंप मच गया। ट्रेन को मंदसौर स्टेशन पर रोका गया, लेकिन वॉशरूम का दरवाजा अंदर से बंद था। काफी प्रयास के बाद भी दरवाजा नहीं खुला। अंततः रतलाम जिले के जावरा स्टेशन पर ट्रेन को लंबी अवधि के लिए रोका गया। जीआरपी ने कटर और औजारों की मदद से वॉशरूम का दरवाजा काटा।


अस्पताल में मृत्यु की पुष्टि

अंदर उषा चौहान बेहोश पाई गईं। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों का कहना है कि यह 'साइलेंट हार्ट अटैक' का मामला है। वॉशरूम में अचानक दिल का दौरा पड़ने से वह गिर गईं और बंद कमरे में होने के कारण किसी को पता नहीं चला। परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए शव को अंतिम संस्कार के लिए जोधपुर ले गए हैं।