क्रिकेट फिक्सिंग कांड और गुलशन कुमार की हत्या का रहस्य
1990 के दशक का क्रिकेट का काला अध्याय
1990 के दशक का अंत क्रिकेट के लिए एक कठिन समय था, जिसमें कई भारतीय क्रिकेटर्स भी शामिल थे। इस दौरान साउथ अफ्रीका के पूर्व कप्तान हैंसी क्रोनिए को मुख्य आरोपी माना गया। एक बुकी, संजीव चावला, का नाम भी इस मामले में सामने आया। हाल ही में एक नया खुलासा हुआ है, जो बताता है कि कैसे इस फिक्सिंग कांड का संबंध गुलशन कुमार की हत्या से है। इस मामले की जांच के दौरान हैंसी क्रोनिए का नाम उजागर हुआ।
खुलासा: गुलशन कुमार की हत्या से जुड़ी जांच
इंडियन एक्सप्रेस के नेशनल स्पोर्ट्स एडिटर संदीप द्विवेदी ने जनसत्ता के साप्ताहिक शो "खेल की बात, संदीप द्विवेदी के साथ" में इस मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि गुलशन कुमार की हत्या और उनके भाई को मिल रही धमकियों से संबंधित मामले की जांच चल रही थी। इस दौरान कई रिकॉर्डिंग सामने आईं, जिसके बाद हैंसी क्रोनिए का नाम मैच फिक्सिंग में आया।
फिक्सिंग के मुख्य आरोपी का सच कैसे सामने आया?
संदीप द्विवेदी ने बताया कि संजीव चावला, जो एक बुकी थे, को इंग्लैंड से भारत लाया गया था। उनका केस चल रहा था और इसी दौरान पुलिस उन लोगों से बात कर रही थी जिन्होंने उस केस को सुलझाया था। दरअसल, पुलिस एक एक्सटॉर्शन केस की जांच कर रही थी, जो गुलशन कुमार के मर्डर के बाद मिली धमकियों से जुड़ा था।
टेप्स से खुला राज
जांच के दौरान पुलिस को कुछ टेप्स मिले। जब पुलिस ने उन टेप्स को सुना, तो उन्हें अजीब बातें सुनाई दीं। बातचीत में कोई कह रहा था — "इतना दिया… इतना कैच छोड़ा…" पहले तो पुलिस को समझ नहीं आया कि यह किस बारे में है, लेकिन धीरे-धीरे उन्हें एहसास हुआ कि यह बातचीत किसी बुकी और एक विदेशी व्यक्ति के बीच हो रही है।
मैच की अवॉर्ड सेरेमनी में हुआ बड़ा खुलासा
संदीप द्विवेदी ने बताया कि प्रदीप श्रीवास्तव एक दिन मैच के बाद अवॉर्ड सेरेमनी देख रहे थे। जब हैंसी क्रोनिए ने बोलना शुरू किया, तो प्रदीप श्रीवास्तव चौंक गए। उन्होंने तुरंत पहचान लिया कि यह वही आवाज है, जो उन्होंने टेप में सुनी थी। इसी संयोग ने क्रिकेट के सबसे बड़े मैच फिक्सिंग स्कैंडल का पर्दाफाश कर दिया।
