केरल के रहस्यमय पद्मनाभस्वामी मंदिर का सातवां दरवाजा

केरल के पद्मनाभस्वामी मंदिर का सातवां दरवाजा रहस्यमय है, जिसके खुलने पर प्रलय आने की मान्यता है। इस मंदिर की संपत्ति और रहस्य लोगों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं। जानें इस दरवाजे के पीछे की कहानी और इसके खोलने की संभावनाएँ।
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पद्मनाभस्वामी मंदिर का रहस्य

हर प्राचीन मंदिर अपने साथ कई रहस्यों और दिलचस्प कहानियों को समेटे हुए होता है। एक ऐसा ही मंदिर है, जो कई रहस्यों से भरा हुआ है और जिनसे जुड़ी मान्यताएँ भी हैं। कहा जाता है कि इस मंदिर का सातवां दरवाजा खुलते ही प्रलय आ जाएगा।


आइए जानते हैं कि किस मंदिर के सातवें दरवाजे की बात की जा रही है।



  • यह मंदिर केरल के तिरुवनन्तपुरम में स्थित है।

  • इस मंदिर को पद्मनाभस्वामी मंदिर के नाम से जाना जाता है।

  • यह भगवान विष्णु को समर्पित है।

  • भगवान विष्णु की प्रतिमा इस मंदिर के गर्भगृह में स्थापित है।

  • भगवान विष्णु शेषनाग पर शयन अवस्था में विराजमान हैं।

  • इस मंदिर से जुड़े कई रहस्य हैं।

  • यह दुनिया का सबसे धनी मंदिर माना जाता है।

  • इसकी कुल संपत्ति लगभग 1,32,000 करोड़ रुपये है।

  • त्रावणकोर में 1947 तक राजाओं का शासन था। भारत की आज़ादी के बाद इसे भारत में मिलाया गया।

  • विलय के बाद भी भारत सरकार ने इस धनी मंदिर पर अधिकार नहीं जमाया। यह मंदिर शाही परिवार के नियंत्रण में रहा।

  • मंदिर की देखभाल शाही परिवार द्वारा एक निजी संस्था के माध्यम से की जाती है।

  • इस मंदिर की संपत्ति और रहस्यों को देखते हुए जनता ने दरवाजे खोलने की मांग की।

  • जनता की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने 7 सदस्यों की देखरेख में 6 द्वार खोल दिए।

  • इन 6 द्वारों से लगभग 1,32,000 करोड़ रुपये के सोने के जेवर और संपत्ति निकली है।

  • मंदिर का सातवां दरवाजा सबसे रहस्यमय है, जिसके खुलने पर विचार विमर्श चल रहा है।

  • इस दरवाजे पर कोई कुंडी या नट नहीं है।

  • यहाँ केवल दो सर्पों का प्रतिबिंब है, जो इस दरवाजे के रक्षक माने जाते हैं।

  • यह दरवाजा केवल मंत्रोच्चारण से खुल सकता है।

  • ‘गरुड़ मंत्र’ का प्रयोग किसी सिद्ध पुरुष के माध्यम से करना होगा।

  • मंत्रोच्चारण स्पष्ट न होने पर उस पुरुष की मृत्यु भी हो सकती है।

  • त्रावणकोर राजपरिवार के मुखिया तिरुनल मार्तंड वर्मा ने कहा है कि उनका पूरा जीवन इस मंदिर की देखभाल में बीता है।

  • उन्होंने चेतावनी दी है कि सातवें दरवाजे के खुलने पर देश में प्रलय आ सकता है।


प्राचीन वस्तुओं का निर्माण रहस्यमय तरीकों से किया जाता था और उन्हें मंत्रों से सुरक्षित रखा जाता था। ऐसे में, सातवें दरवाजे के अंदर की चीजें जानने की इच्छा तो सबको है, लेकिन तांत्रिक शक्तियों से बंद की गई वस्तुओं से छेड़छाड़ करना अनुचित होगा।


यदि मंदिर का सातवां दरवाजा बंद है, तो किसी का अहित नहीं हो रहा। लेकिन इसके खुलने पर अहित होने की संभावना है। इसलिए इसे बंद रखना ही उचित है।