ईरान-अमेरिका संघर्ष के बीच भारत को मिली गैस और तेल की राहत
ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध का प्रभाव
ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध को एक महीना हो चुका है। इस संघर्ष की अवधि ने न केवल अमेरिका को बल्कि पूरी दुनिया को चौंका दिया है। ऊर्जा संकट ने गंभीर रूप धारण कर लिया है, जिससे भारत सहित कई देशों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति के चलते भारत में LPG सिलेंडर और ईंधन के लिए लंबी कतारें लगने लगी हैं। हालांकि, हाल ही में भारत के लिए दो सकारात्मक समाचार आए हैं, जो गैस और तेल से संबंधित हैं।
LPG सिलेंडर की कमी का समाधान
भारत के लिए एक अच्छी खबर यह है कि LPG से भरा जहाज JAG VASANT देश में पहुंच गया है। इस जहाज में लगभग 47,000 टन LPG गैस है। इसके अलावा, भारत के लिए 1.7 लाख मीट्रिक टन LPG लेकर पांच और जहाज भी आ रहे हैं। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के दो टैंकरों को 28 मार्च को होर्मुज जलडमरूमध्य पार करने की अनुमति मिल गई है। ये टैंकर, BW Tyr और BW Elm, ओमान के उत्तरी तट को पार कर चुके हैं और अब होर्मुज के पास लंगर डाले हुए हैं।
ईरान से मिली अनुमति
हाल ही में, ईरान ने भारत, रूस, चीन, जापान और पाकिस्तान के जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य पार करने की अनुमति दी थी। इसके बाद भारतीय जहाज धीरे-धीरे नौसेना की निगरानी में इस जलडमरूमध्य को पार कर रहे हैं। हालांकि, ईरान ने बाद में पाकिस्तान और चीन के कुछ जहाजों को रोक दिया, लेकिन भारत ने सफलतापूर्वक इस मार्ग को पार किया है।
तेल की कीमतों में गिरावट की उम्मीद
गैस के मामले में राहत मिलने के बाद, अब तेल की कीमतों में भी गिरावट की संभावना जताई जा रही है। अमेरिका में पेट्रोल और डीजल की कीमतें भी बढ़ रही हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने संकेत दिया है कि युद्ध जल्द समाप्त होगा और इसके बाद कच्चे तेल की कीमतें कम हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि यह समस्या अस्थायी है और युद्ध खत्म होते ही कीमतें नीचे आ जाएंगी। वर्तमान में, कच्चे तेल की कीमतें युद्ध के बाद से दोगुनी हो चुकी हैं, और 29 मार्च को अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 112 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है।
