गंगा दशहरा पर करें ये विशेष उपाय, पाएं सुख-समृद्धि
गंगा दशहरा के महत्व और उपाय
गंगा दशहरा उपाय: 25 मई को गंगा दशहरा मनाया जाएगा। धार्मिक ग्रंथों में गंगाजल का अत्यधिक महत्व बताया गया है। कहा जाता है कि गंगा नदी में स्नान करने से जन्मों के पाप समाप्त हो जाते हैं। इसके अलावा, मृत्यु के बाद अस्थियों का विसर्जन भी गंगा में किया जाता है, जो सदियों से प्रचलित है।
ऐसा करने से मृतक की आत्मा को मोक्ष प्राप्त होता है, इसलिए गंगा को मोक्षदायिनी नदी कहा जाता है। ज्योतिषियों के अनुसार, इस दिन गंगा स्नान और दान के साथ-साथ कुछ विशेष उपाय भी किए जाते हैं। मान्यता है कि इन उपायों से शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या, और राहु-केतु के नकारात्मक प्रभावों से मुक्ति मिलती है।
गंगा दशहरा पर करने योग्य उपाय
10 डुबकी लगाना
हिंदू मान्यता के अनुसार, गंगा दशहरा पर 10 अंक का विशेष महत्व है। इस दिन गंगा स्नान करते समय श्रद्धा से 10 डुबकियां लगाना शुभ माना जाता है। पूजा और दान में भी 10 अंक का ध्यान रखने से पुण्य फल मिलता है।
10 दीपक जलाएं
गंगा दशहरा के दिन दीपदान का भी विशेष महत्व है। इस दिन गंगा स्नान के बाद मां गंगा की पूजा करते समय 10 दीपक जलाएं और उन्हें गंगा में प्रवाहित करें या गंगा तट पर रखें। मान्यता है कि 10 दीयों का दान जीवन के अंधकार को दूर करता है और सुख-सौभाग्य लाता है।
10 नारियल प्रवाहित करें
गंगा स्नान के बाद नारियल पर चुनरी, रोली और चंदन अर्पित कर मां गंगा को चढ़ाने से मनोकामनाएं जल्दी पूरी होती हैं। शुभता के लिए 10 नारियल प्रवाहित करना लाभकारी माना गया है। इस उपाय से नवग्रह दोष दूर होकर सुख-समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
10 घड़े दान करें
गंगा दशहरा के समय गर्मी में गंगाजल या शीतल जल का दान बहुत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन 10 घड़े जल का दान करने से मां गंगा की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
10 फलों का दान करें
गंगा दशहरा पर स्नान के साथ दान का भी बहुत महत्व है। हिंदू मान्यता के अनुसार, ज्येष्ठ मास में मौसमी फल जैसे आम, खरबूजा, तरबूज आदि का दान करना चाहिए। इस दान के दौरान भी फल की संख्या 10 रखनी चाहिए।
