राजस्थान में मौसम में बदलाव: 24 अक्टूबर से बारिश की संभावना
राजस्थान में मौसम का मिजाज बदल रहा है
राजस्थान में मौसम में एक बार फिर बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। अक्टूबर के अंत में, प्रदेशवासियों को दिन में गर्मी और रात में ठंड का अनुभव हो रहा है। कई क्षेत्रों में दिन का तापमान 39 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुँच गया है, जबकि रात में तापमान में गिरावट से हल्की ठंड महसूस होने लगी है। 24 अक्टूबर से मौसम में बदलाव और कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना जताई गई है।
24 अक्टूबर से बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, 21 से 23 अक्टूबर तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने और धूप निकलने की संभावना है। इसके बाद, 24 अक्टूबर से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिससे कुछ क्षेत्रों में बादल छाने, गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है।
श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर, चूरू, सीकर और झुंझुनूं में आंधी-बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में मौसम परिवर्तन के दौरान हवाएं 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं। हालांकि, बारिश का प्रभाव सभी जिलों में समान नहीं रहेगा।
पश्चिमी राजस्थान में गर्मी और सीकर में ठंड
प्रदेश में तापमान का अंतर स्पष्ट है। पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर में अधिकतम तापमान 39.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सीकर में न्यूनतम तापमान 14.2 डिग्री तक गिर गया। यह दर्शाता है कि पश्चिमी क्षेत्रों में दिन में गर्मी बनी हुई है, जबकि अन्य क्षेत्रों में रात और सुबह ठंडक बढ़ रही है।
जयपुर में भी बारिश के बाद रात के तापमान में गिरावट आई है। दिन में धूप से गर्मी महसूस हो रही है, जबकि शाम और रात के समय मौसम ठंडा हो रहा है। ऐसे में लोग दिन और रात के तापमान में अंतर महसूस कर सकते हैं।
किसानों के लिए सलाह
मौसम में संभावित बदलाव को देखते हुए किसानों को सलाह दी गई है कि वे खुले में रखे अनाज और कृषि उत्पादों को बारिश से बचाने के लिए आवश्यक उपाय करें। विशेष रूप से उन क्षेत्रों में सावधानी बरतनी चाहिए, जहाँ गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है।
कुल मिलाकर, राजस्थान में वर्तमान में दिन की गर्मी और रात की ठंड का मिश्रित प्रभाव बना हुआ है। 24 अक्टूबर से संभावित पश्चिमी विक्षोभ के कारण कुछ जिलों में मौसम में फिर से बदलाव हो सकता है। लोगों को अपने जिले के मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान और चेतावनियों पर ध्यान देना चाहिए।
