सामंथा ने विजय को बताया अपना लकी चार्म, फिल्मों से राजनीति में कदम रखने की सराहना की

दक्षिण भारतीय सिनेमा की प्रसिद्ध अभिनेत्री सामंथा रुथ प्रभु ने सुपरस्टार सी. जोसेफ विजय की प्रशंसा की है। उन्होंने विजय को अपना 'लकी चार्म' बताते हुए उनके करियर के महत्वपूर्ण फैसले की सराहना की। सामंथा ने विजय के साथ की हिट फिल्मों का जिक्र किया और उनके व्यक्तित्व को प्रेरणादायक बताया। जानें विजय के फिल्मी करियर से लेकर राजनीति में कदम रखने तक की यात्रा के बारे में।
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सामंथा की विजय के प्रति प्रशंसा


दक्षिण भारतीय सिनेमा की मशहूर अभिनेत्री सामंथा रुथ प्रभु ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और सुपरस्टार सी. जोसेफ विजय की जमकर प्रशंसा की है। सामंथा वर्तमान में ‘सेलिब्रिटी मास्टरशेफ तमिल’ शो की मेज़बानी कर रही हैं। इस शो के दौरान उन्होंने विजय को अपना पसंदीदा सितारा बताते हुए उन्हें अपना ‘लकी चार्म’ कहा। सामंथा ने विजय की मेहनत, उनके व्यक्तित्व और राजनीति में कदम रखने के निर्णय की सराहना की, यह कहते हुए कि अपने करियर के उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद जनसेवा का रास्ता चुनना आसान नहीं होता।


सामंथा का पसंदीदा सितारा विजय

कार्यक्रम के एक आगामी एपिसोड में ‘हीरो बनाम विलेन’ चुनौती के दौरान जब आरजे विजय ने सामंथा से उनके पसंदीदा सितारे के बारे में पूछा, तो उन्होंने बिना किसी संकोच के विजय का नाम लिया। सामंथा ने कहा कि विजय के प्रति उनकी पसंद किसी से छिपी नहीं है। उन्होंने बताया कि विजय उनके लिए बेहद खास हैं और उनके साथ काम करना हमेशा यादगार रहा है। सामंथा ने विजय के साथ तीन ऐसी फिल्मों में काम किया है, जिन्हें दर्शकों ने बहुत पसंद किया और जिन्होंने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया।


सामंथा और विजय की सफल फिल्में

सामंथा और विजय की जोड़ी ‘कथ्थी’ (2014), ‘थेरी’ (2016) और ‘मर्सल’ (2017) जैसी फिल्मों में नजर आई थी। इन तीनों फिल्मों ने व्यावसायिक स्तर पर बड़ी सफलता हासिल की। रिपोर्ट के अनुसार, इन फिल्मों ने दुनियाभर में 100 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार किया, जबकि ‘मर्सल’ की कमाई 250 करोड़ रुपये से भी ज्यादा रही। इन फिल्मों की सफलता ने विजय की लोकप्रियता को और मजबूत किया और सामंथा के साथ उनकी जोड़ी को दर्शकों के बीच पहचान दिलाई।


विजय की प्रेरणादायक यात्रा

सामंथा ने विजय की फिल्मों की सफलता के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व और कार्यशैली की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि विजय एक प्रेरणादायक इंसान हैं। उनके करोड़ों प्रशंसक हैं और उन्होंने इतनी बड़ी लोकप्रियता के बावजूद नेतृत्व और शासन की जिम्मेदारी संभालने का रास्ता चुना। सामंथा के अनुसार, विजय पर्दे के पीछे भी शांत, एकाग्र और मेहनती तरीके से काम करते हैं।


राजनीति में विजय का कदम

विजय ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत बाल कलाकार के रूप में वर्ष 1984 में तमिल फिल्म ‘वेत्त्री’ से की थी। इसके बाद वर्ष 1992 में उन्होंने ‘नालैय्या थीरपू’ के जरिए मुख्य अभिनेता के रूप में अपनी शुरुआत की। विजय को व्यावसायिक सफलता वर्ष 1996 में आई फिल्म ‘कोयंबटूर मापिल्लई’ से मिली। इसके बाद उनका करियर लगातार आगे बढ़ता गया और वह तमिल सिनेमा के प्रमुख सितारों में शामिल हो गए।


विजय की राजनीतिक यात्रा

अपने सफल फिल्मी करियर के बीच विजय ने राजनीति में कदम रखने का निर्णय लिया। वर्ष 2024 में उन्होंने आधिकारिक तौर पर राजनीति में प्रवेश की घोषणा की और अपनी पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) की शुरुआत की। रिपोर्ट के अनुसार, उनकी पार्टी ने राज्य की राजनीति में उल्लेखनीय सफलता हासिल की और विजय ने इसी वर्ष मई में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला।


विजय की अंतिम फिल्म

राजनीति में सक्रिय होने के बाद विजय की फिल्मी यात्रा भी चर्चा का विषय बनी रही। उनकी अंतिम फिल्म ‘जना नायकन’ को पोंगल के अवसर पर रिलीज किया जाना था, लेकिन केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड से जुड़ी प्रक्रिया के कारण इसकी रिलीज में देरी हुई। बाद में यह फिल्म जुलाई में सिनेमाघरों में पहुंची। आलोचकों की मिली-जुली प्रतिक्रियाओं के बावजूद फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया।


सामंथा की टिप्पणी

सामंथा की विजय के राजनीतिक सफर और फिल्मों से दूरी बनाने के फैसले पर टिप्पणी ने एक बार फिर उनके व्यक्तित्व और करियर को चर्चा में ला दिया है। अभिनेत्री ने जिस तरह उनके परिश्रम, नेतृत्व और समय पर लिए गए फैसले की तारीफ की, उससे स्पष्ट है कि वह विजय को केवल एक सफल अभिनेता के रूप में नहीं, बल्कि एक ऐसे व्यक्ति के रूप में भी देखती हैं, जिसने लोकप्रियता के शिखर पर रहते हुए अपने लिए एक नया रास्ता चुना।