शादाब जकाती: सऊदी अरब से यूट्यूब तक की प्रेरणादायक यात्रा

शादाब जकाती, जो "10 रुपये का बिस्कुट कितने का है जी" के डायलॉग से प्रसिद्ध हुए, ने सऊदी अरब में ड्राइवर के रूप में कठिनाइयों का सामना किया। उन्होंने टिकटॉक पर वीडियो बनाकर अपनी पहचान बनाई, लेकिन विवादों का सामना भी किया। जानें उनकी प्रेरणादायक यात्रा और वर्तमान स्थिति के बारे में।
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शादाब जकाती: सऊदी अरब से यूट्यूब तक की प्रेरणादायक यात्रा

यूट्यूबर शादाब जकाती की कहानी

शादाब जकाती: सऊदी अरब से यूट्यूब तक की प्रेरणादायक यात्रा

यूट्यूबर शादाब जकाती.


शादाब जकाती, जो "10 रुपये का बिस्कुट कितने का है जी" के डायलॉग से मशहूर हुए, मेरठ के इंचौली के निवासी हैं। पहले वे सऊदी अरब में ड्राइवर के रूप में काम करते थे, जहां उनकी जिंदगी में कई कठिनाइयाँ आईं।


जब शादाब ने सऊदी अरब में ड्राइविंग शुरू की, तो उन्होंने देखा कि वहां भारतीयों को भाषा की समस्या का सामना करना पड़ता है। इस अनुभव के बाद, उन्होंने टिकटॉक पर वीडियो बनाना शुरू किया, जिसमें उन्होंने स्थानीय भाषा को हिंदी में समझाया।


जब भारत में टिकटॉक बैन हुआ, तब शादाब ने इंस्टाग्राम और फेसबुक पर वीडियो बनाना जारी रखा, लेकिन शुरुआत में उन्हें कोई सफलता नहीं मिली। उनके आसपास के लोगों ने उनका मजाक उड़ाया और परिवार से भी समर्थन नहीं मिला।


फिर एक दिन, "10 रुपये का बिस्कुट कितने का है जी" डायलॉग ने उनकी किस्मत बदल दी। इस वीडियो के वायरल होने के बाद, मशहूर गायक बादशाह ने भी इस पर वीडियो बनाया, जिससे शादाब की लोकप्रियता बढ़ गई। अब उन्हें बड़े ब्रांड्स से ऑफर मिल रहे हैं।


हालांकि, शादाब जकाती विवादों से भी घिरे रहे हैं। उन पर एक बच्ची के साथ अभद्रता का आरोप लगा, लेकिन बाद में उस शिकायत को वापस ले लिया गया। इन सभी घटनाओं ने उन्हें मानसिक रूप से प्रभावित किया है और अब वे मेरठ छोड़ने की सोच रहे हैं।