विजय की फिल्म 'जाना नायकन' की सर्टिफिकेशन में देरी के कारण
विजय की फिल्म 'जाना नायकन' ने इस वर्ष काफी चर्चा बटोरी है, खासकर इसकी सर्टिफिकेशन में हुई देरी के कारण। फिल्म को CBFC से सर्टिफिकेट मिलने में कई कानूनी बाधाएं आईं, जिससे इसकी रिलीज़ में देरी हुई। पूर्व CBFC सदस्य ईवी गणेश बाबू ने इस प्रक्रिया के पीछे की जटिलताओं को स्पष्ट किया है। जानें कि कैसे राजनीतिक विषयों के कारण सर्टिफिकेशन में अतिरिक्त मंजूरी की आवश्यकता पड़ी और क्यों निर्माताओं को पहले पुनरीक्षण समिति का विकल्प चुनना चाहिए था। इस लेख में इस फिल्म की सर्टिफिकेशन प्रक्रिया के बारे में और जानकारी प्राप्त करें।
| Jul 24, 2026, 12:52 IST
जाना नायकन: एक राजनीतिक फिल्म की कहानी
विजय की फिल्म 'जाना नायकन', जो उनके पूर्णकालिक राजनीति में प्रवेश से पहले की अंतिम फिल्म है, इस वर्ष की सबसे चर्चित रिलीज़ में से एक रही है। यह फिल्म न केवल अपने राजनीतिक विषयों के लिए बल्कि इसकी CBFC सर्टिफिकेशन में हुई देरी के लिए भी जानी जाती है। महीनों की अटकलों, कानूनी प्रक्रियाओं और कई बार की जांच के बाद, फिल्म अंततः सिनेमाघरों में पहुंची। अब, फिल्म निर्माता और पूर्व CBFC सलाहकार पैनल के सदस्य ईवी गणेश बाबू ने इस प्रक्रिया के पीछे की कहानी साझा की है। उन्होंने एक साक्षात्कार में बताया कि किस प्रकार की घटनाओं ने फिल्म की सर्टिफिकेशन में देरी की।
