बॉलीवुड की वो फिल्में जो रिलीज़ के समय नहीं चलीं, लेकिन आज हैं कल्ट क्लासिक

कुछ बॉलीवुड फिल्में ऐसी होती हैं जो रिलीज़ के समय दर्शकों द्वारा नहीं पसंद की जातीं, लेकिन बाद में वे कल्ट क्लासिक बन जाती हैं। इस लेख में हम तीन ऐसी फिल्मों के बारे में जानेंगे - 'जाने भी दो यारो', 'स्वदेश', और 'लक्ष्य'। ये फिल्में अपने समय से आगे थीं और आज भी दर्शकों के दिलों में बसी हुई हैं। जानें इन फिल्मों की खासियत और उनके सफर के बारे में।
 | 
बॉलीवुड की वो फिल्में जो रिलीज़ के समय नहीं चलीं, लेकिन आज हैं कल्ट क्लासिक gyanhigyan

बॉलीवुड की अनदेखी कल्ट क्लासिक्स

बॉलीवुड की वो फिल्में जो रिलीज़ के समय नहीं चलीं, लेकिन आज हैं कल्ट क्लासिक


बॉलीवुड: कुछ फ़िल्में अपने समय से आगे होती हैं। ऐसी फ़िल्में होती हैं जिन्हें रिलीज़ के समय दर्शकों द्वारा पसंद नहीं किया जाता। लेकिन जब ये टीवी या अन्य माध्यमों पर आती हैं, तो इन्हें क्लासिक या कल्ट फिल्म का दर्जा मिल जाता है। ऐसी फ़िल्मों की संख्या कई है।


आइए जानते हैं उन तीन फ़िल्मों के बारे में जिन्हें बॉलीवुड की कल्ट क्लासिक्स माना जाता है।


जाने भी दो यारो

1983 में आई फ़िल्म ‘जाने भी दो यारो’ आज भी दर्शकों के दिलों में बसी हुई है। इसमें नसीरुद्दीन शाह, रवि बासवानी, सतीश कौशिक और सतीश शाह जैसे कलाकारों ने महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाई थीं। इस फ़िल्म की ख़ासियत यह थी कि सभी किरदारों ने बेहतरीन अभिनय किया। उस समय ये सभी कलाकार संघर्ष कर रहे थे। किसी ने नहीं सोचा था कि 6.84 लाख के बजट में बनी ‘जाने भी दो यारो’ इतनी सफल होगी। दिलचस्प बात यह है कि इस फ़िल्म को एक सरकारी संस्था ने फंड किया था।


इस फ़िल्म के कलाकारों को फीस के रूप में बहुत कम पैसे मिले। नसीरुद्दीन शाह को सबसे ज़्यादा 15,000 रुपये मिले, जबकि अन्य कलाकारों को 3,000 से 5,000 रुपये मिले। यह फ़िल्म सरकारी भ्रष्टाचार पर तीखा प्रहार करती है।


स्वदेश

एक और फ़िल्म जिसने दर्शकों का दिल जीता, वह है ‘स्वदेश’। यह फ़िल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही, लेकिन इसकी कहानी ने लोगों के दिलों में जगह बना ली। यही कारण है कि इस फ़िल्म ने कई पुरस्कार जीते। ‘स्वदेश’ 2004 में एक अनोखी कहानी के साथ प्रदर्शित हुई थी, जिसमें शाहरुख़ ख़ान ने मुख्य भूमिका निभाई थी। गायत्री जोशी नायिका के रूप में थीं। इसके अलावा राजेश विवेक, दयाशंकर पांडे और फारुख जफर जैसे सितारे भी फ़िल्म का हिस्सा थे। इस फ़िल्म का निर्देशन और कहानी आशुतोष गोवारिकर ने लिखी थी।


हालांकि, ‘स्वदेश’ बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही, लेकिन बाद में इसे एक कल्ट फ़िल्म का दर्जा मिला।


लक्ष्य

बॉलीवुड फ़िल्म “लक्ष्य” 2004 में रिलीज़ हुई और इसे एक कल्ट क्लासिक माना जाता है। इसका निर्देशन फरहान अख्तर ने किया था, जबकि कहानी जावेद अख्तर ने लिखी थी। फ़िल्म में अमिताभ बच्चन, ऋतिक रोशन और प्रीति जिंटा मुख्य भूमिकाओं में हैं। “लक्ष्य” एक ऐसे युवक की कहानी है जो भारतीय सेना में भर्ती होता है और एक युद्ध नायक बनता है। हालांकि यह फ़िल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही, लेकिन बाद में इसे पंथ क्लासिक का दर्जा प्राप्त हुआ।