बुजुर्ग महिला को ठेले पर लिटाकर बैंक ले जाने की घटना ने उठाए सवाल

फर्रुखाबाद जिले में एक बुजुर्ग महिला को उसके पोते ने ठेले पर लिटाकर बैंक पहुंचाया ताकि वह अपनी पेंशन प्राप्त कर सके। यह घटना उस समय हुई जब महिला का पैर एक दुर्घटना में टूट गया था। बैंक मैनेजर ने कहा कि खाता धारक को लाना आवश्यक है, जिससे सरकारी सेवाओं की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। जानें इस घटना के पीछे की पूरी कहानी और बैंक का स्पष्टीकरण।
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फर्रुखाबाद में बुजुर्ग महिला की पेंशन के लिए संघर्ष

उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने सरकारी सेवाओं की व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। एक बुजुर्ग महिला को उसके पोते ने ठेले पर लिटाकर बैंक पहुंचाया, जहां वह पेंशन प्राप्त करने गई थी। महिला ने छाता पकड़ा हुआ था और ठेले पर लेटी रही। यह घटना 31 मई को हुई एक दुर्घटना के बाद की है, जिसमें महिला का पैर टूट गया था। पोते का कहना है कि बैंक के मैनेजर ने कहा था कि खाता धारक को लाना होगा तभी पेंशन मिलेगी। यह मामला जिले में चर्चा का विषय बन गया है।


महिला की पेंशन का इतिहास

बुजुर्ग महिला किशन प्यारी के पति की मृत्यु 26 साल पहले हुई थी, जब वह बिजली विभाग में कार्यरत थे। तब से महिला को पेंशन मिल रही है। वह अपने बेटे संजीव पाल के साथ फतेहगढ़ मोहल्ले के हाथी खान क्षेत्र में निवास करती हैं। संजीव का बेटा मनु एक यूट्यूबर है, जो अपने गानों के वीडियो यूट्यूब पर अपलोड करता है, जबकि संजीव ठेले से सामान ढोने का काम करते हैं।


बैंक मैनेजर का बयान

मनु ने आरोप लगाया कि जब वह 4 जून को बैंक गए, तो बैंककर्मियों ने उनके साथ अनुचित व्यवहार किया। बैंक मैनेजर ने कहा कि खाता धारक को लाना होगा और अंगूठा लगाने के बाद ही पैसे निकाले जा सकेंगे। एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण और पैर टूटने के चलते दादी कार में नहीं बैठ सकीं, इसलिए उन्हें ठेले पर लिटाकर बैंक जाना पड़ा।


मैनेजर का स्पष्टीकरण

बैंक मैनेजर प्रवेश कुमार वर्मा ने कहा कि उन्हें बताया गया था कि अगर खाताधारक बैंक आने की स्थिति में हैं, तो उन्हें लाना होगा। किसी कर्मचारी के माध्यम से बाहर पैसे का भुगतान किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पैर टूटने की जानकारी मिलने पर उन्हें एक-दो दिन इंतजार करने के लिए कहा गया था। साथ ही, जरूरत पड़ने पर किसी कर्मचारी को घर भेजकर भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने का आश्वासन भी दिया गया था।