पाब्लो एस्कोबार: कोकेन का किंग और उसकी खौफनाक कहानी
ड्रग्स के अवैध कारोबार का खतरनाक जाल
दुनिया भर में ड्रग्स का अवैध कारोबार एक विशाल और जटिल नेटवर्क के रूप में फैला हुआ है। कई ड्रग माफिया हैं जो इस धंधे को संचालित करते हैं। आज हम आपको एक ऐसे ड्रग माफिया के बारे में बताएंगे, जिसने अपने रास्ते में आने वाले सभी लोगों को खत्म कर दिया।
कौन था किंग ऑफ कोकेन?
हम जिस ड्रग माफिया की चर्चा कर रहे हैं, उसका नाम पाब्लो एमिलियो एस्कोबार गैविरिया है। पाब्लो को पूरी दुनिया में किंग ऑफ कोकेन के नाम से जाना जाता है। अमेरिका के ड्रग एन्फोर्समेंट एजेंसी के पूर्व एजेंट स्टीव मर्फी ने एक इंटरव्यू में बताया था कि पाब्लो के पास धन का विशाल भंडार था और उसे खत्म करने के लिए उसके दुश्मनों ने लगभग 16 करोड़ रुपये खर्च किए।
कोलंबिया का राष्ट्रपति बनने का सपना
पाब्लो एस्कोबार को 2 दिसंबर 1993 को कोलंबिया की पुलिस ने मार गिराया था, लेकिन उसे पकड़ने के लिए पुलिस और सेना को काफी मेहनत करनी पड़ी। पाब्लो ने पूरे कोलंबिया में आतंक फैला रखा था और उसके लिए किसी बड़े नेता की हत्या करना या किसी की कार उड़ाना आम बात थी। उसकी ख्वाहिश कोलंबिया का राष्ट्रपति बनने की थी।
पाब्लो की विशेष जेल
1970 में पाब्लो ने कोकेन के अवैध कारोबार में कदम रखा और मेडेलिन कार्टेल का निर्माण किया। उसने इस धंधे से बहुत मुनाफा कमाया और धीरे-धीरे अमीर बन गया। उसकी ताकत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उसने सरकार पर दबाव डालकर अपने लिए एक विशेष जेल बनवाई, जहां पुलिस का आना मना था।
पाब्लो के पास 800 से अधिक संपत्तियां थीं, जिनमें से एक 6500 वर्गफीट का बंगला अमेरिका के फ्लोरिडा में था। इसके अलावा, उसने आइला गांद्रे नामक एक पूरा कोरल द्वीप भी खरीदा था।
फोर्ब्स की सूची में नाम
पाब्लो कोकेन के अवैध धंधे से दुनिया के सबसे अमीर लोगों में शामिल हो गया था। उसकी कमाई इतनी अधिक थी कि फोर्ब्स मैगजीन ने उसे विश्व के 10 सबसे अमीर लोगों में स्थान दिया। कहा जाता है कि उसके घर में इतनी नकदी थी कि चूहे उसे कुतर देते थे और दीमक उसके नोटों की गड्डियों को चाट जाती थी।
