परेश रावल का 71वां जन्मदिन: बॉलीवुड के इस दिग्गज अभिनेता की अनकही कहानियाँ
परेश रावल, बॉलीवुड के एक प्रमुख अभिनेता, आज अपने 71वें जन्मदिन का जश्न मना रहे हैं। उनका जन्म 30 मई 1955 को मुंबई में हुआ था। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 1984 में की और कई यादगार भूमिकाएँ निभाईं। 'हेरा फेरी' में उनके किरदार 'बाबूराव' ने उन्हें नई पहचान दिलाई। जानें उनके जीवन की कुछ दिलचस्प बातें और फिल्मी सफर के बारे में।
| May 30, 2026, 13:07 IST
परेश रावल का जन्म और प्रारंभिक जीवन
बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता परेश रावल आज, 30 मई को, अपने 71वें जन्मदिन का जश्न मना रहे हैं। उन्होंने अपनी अदाकारी के जरिए फिल्म इंडस्ट्री में एक विशेष स्थान बनाया है। चाहे वह खलनायक की भूमिका हो या कॉमेडी, परेश हर किरदार में जान डाल देते हैं। आइए, उनके जन्मदिन के अवसर पर उनके जीवन से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें जानते हैं।
जन्म और परिवार
परेश रावल का जन्म 30 मई 1955 को मुंबई में एक गुजराती परिवार में हुआ। उनका बचपन पार्ले ईस्ट में बीता, जहाँ एक ओपन थिएटर था, जिसने उनके अंदर अभिनय के प्रति रुचि जगाई। बचपन में वे काफी शरारती थे, लेकिन थिएटर के प्रति उनका जुनून अद्वितीय था। केवल 9 साल की उम्र में, वे बिना टिकट के नाटक देखने के लिए थिएटर में घुस जाते थे, और कई बार पकड़े भी जाते थे।
जब वे बार-बार पकड़े जाते, तो थिएटर के कर्मचारियों ने उनके जुनून को समझा और उन्हें नाटक देखने की अनुमति दी। धीरे-धीरे, उन्हें छोटे-छोटे रोल मिलने लगे, जो उनके करियर की नींव बने। हालांकि, उन्होंने पहले बैंक ऑफ बड़ौदा में नौकरी की, लेकिन वहां उनका मन नहीं लगा। कुछ समय बाद, उन्होंने नौकरी छोड़कर अभिनय की दुनिया में कदम रखा।
परेश रावल का फिल्मी सफर
फिल्मी करियर
परेश रावल ने 1984 में फिल्म 'होली' से अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद, 1985 में 'अर्जुन' जैसी फिल्मों में छोटे-छोटे रोल किए। लेकिन उन्हें असली पहचान 1986 में आई फिल्म 'नाम' से मिली। 80 और 90 के दशक में, उन्होंने लगभग 100 से अधिक फिल्मों में खलनायक की भूमिकाएँ निभाईं। उनकी फिल्मों में 'मोहरा', 'क्रांतिवीर', 'राम लखन', और 'दामिनी' शामिल हैं, जहाँ उनके अभिनय की सराहना की गई।
परेश ने न केवल खलनायक की भूमिकाएँ निभाईं, बल्कि कई गंभीर और कॉमिक किरदार भी किए। 2000 में आई फिल्म 'हेरा फेरी' ने उनके करियर को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया। इस फिल्म में उनका किरदार 'बाबूराव गणपत आप्टे' आज भी भारतीय कॉमेडी सिनेमा का एक यादगार चेहरा है।
इसके बाद, उन्होंने 'गरम मसाला', 'भूल भुलैया', 'हंगामा', 'वेलकम', 'गोलमाल' सीरीज और 'ओह माय गॉड' जैसी फिल्मों में शानदार अभिनय किया। परेश रावल ने साबित किया कि वे हर भूमिका में फिट बैठ सकते हैं। उन्हें दो बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, एक बार फिल्म फेयर अवार्ड और 2014 में भारत सरकार द्वारा पद्मश्री से सम्मानित किया गया।
