दिल्ली में मुस्लिम महिला को किराए का घर नहीं मिला, भेदभाव का सामना करना पड़ा
दिल्ली में किराए का मकान ढूंढना एक चुनौती
दिल्ली, जो देश की राजधानी है, में किराए पर मकान खोजना कई लोगों के लिए कठिनाई भरा हो सकता है। कश्मीरी मुस्लिम महिला मुनज्जा के लिए यह प्रक्रिया और भी अधिक दर्दनाक रही। फ्लैट की खोज के दौरान उन्हें बार-बार अपनी धार्मिक पहचान के कारण सवालों और अस्वीकृति का सामना करना पड़ा।
धर्म के आधार पर अस्वीकृति
मुनज्जा ने बताया कि जब वह मकान देखने गईं, तो कई बार उनसे उनका धर्म पूछा गया। जैसे ही यह पता चला कि वह मुस्लिम हैं, कई मकान मालिकों ने उन्हें घर देने से मना कर दिया। इस अनुभव को साझा करते हुए उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी पोस्ट किया है, जिस पर लोग अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
हिजाब पहनने पर शर्त
एक और चौंकाने वाला मामला तब सामने आया जब एक स्थान पर मुनज्जा को बताया गया कि उन्हें फ्लैट तभी मिलेगा जब वह हिजाब न पहनने के लिए सहमत होंगी। यह शर्त न केवल धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन करती है, बल्कि व्यक्तिगत अधिकारों पर भी सवाल उठाती है। एक यूजर ने टिप्पणी की कि 'अगर आप मुस्लिम हैं, तो आप मुस्लिम इलाकों में क्यों नहीं देखतीं?' जबकि दूसरे ने बताया कि उनके दोस्त को भी इसी तरह की समस्या का सामना करना पड़ा था।
