दिल्ली अग्निकांड: 21 जिंदगियों का अंत, श्रुतिका की दर्दनाक कहानी
दिल्ली अग्निकांड की त्रासदी
दिल्ली अग्निकांड: मालवीय नगर में हुए अग्निकांड ने 21 लोगों की जान ले ली। इस घटना को देखने वाले लोग और घायल हुए लोग इसे कभी नहीं भूल पाएंगे। एक परिवार ऐसा भी है, जिसने इस भयानक मंजर को देखा, लेकिन उन्होंने अपने प्रिय सदस्य को खो दिया। यह कहानी है 25 वर्षीय श्रुतिका बरनवाल की, जो इस अग्निकांड में अपनी जान गंवा बैठी। झारखंड के बोकारो से आई श्रुतिका ने अपने करियर की शुरुआत से पहले ही अपनी जिंदगी को खो दिया। वह अपने सपनों को पूरा करने के लिए दिल्ली आई थीं, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि यह शहर उनके लिए अंतिम पड़ाव बन जाएगा।
सबसे दुखद यह है कि जब होटल ‘फ्लोरिश स्टे’ में आग लगी, श्रुतिका अपने परिवार से फोन पर बात कर रही थीं। आग संभवतः ग्राउंड फ्लोर पर लगी थी, जबकि श्रुतिका तीसरी मंजिल पर थीं। जैसे-जैसे आग बढ़ी और जहरीला धुआं उनके कमरे तक पहुंचा, उन्होंने फोन पर चिल्लाते हुए कहा, ‘बचाओ, बचाओ’।
ये श्रुतिका के अंतिम शब्द थे। उनके परिवार ने helplessness में उनकी चीखें सुनीं। घबराए परिजनों ने तुरंत दिल्ली में श्रुतिका के सहकर्मी से संपर्क किया, जिसने होटल में आग लगने की पुष्टि की। लेकिन तब तक मदद नहीं पहुंची और श्रुतिका की सांसें थम चुकी थीं।
श्रुतिका की शैक्षणिक पृष्ठभूमि
श्रुतिका बरनवाल: श्रुतिका ने टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS), मुंबई से ‘वाटर पॉलिसी’ में पोस्ट-ग्रेजुएशन किया था। हाल ही में उन्हें ‘रबर, केमिकल एंड पॉलीमर स्किल डेवलपमेंट काउंसिल’ में पहली नौकरी मिली थी। इसी नौकरी के इंडक्शन प्रोग्राम में भाग लेने के लिए वह दिल्ली आई थीं। उनकी मौत की खबर ने टीआईएसएस (TISS) मुंबई कैंपस में शोक की लहर पैदा कर दी है, जहां छात्रों और फैकल्टी ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
मालवीय नगर अग्निकांड की जांच
मालवीय नगर अग्निकांड: इस दुखद घटना ने दिल्ली में गेस्ट हाउसों और होटलों की सुरक्षा मानकों की गंभीरता को उजागर किया है। बुधवार को हौज रानी (मालवीय नगर) के ‘फ्लोरिश स्टे’ होटल में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी, जिसमें 21 लोगों की जान गई और 35 लोग घायल हुए।
पुलिस ने होटल मालिक लवकेश बजाज को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने स्वीकार किया कि उसके पास ‘बेड एंड ब्रेकफास्ट’ नीति के तहत केवल 6 कमरों का लाइसेंस था, लेकिन उसने अवैध रूप से 25 कमरे बना दिए थे। उसके खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है।
मुआवजे का ऐलान: दिल्ली की मुख्यमंत्री ने घायलों से मुलाकात की और मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये और घायलों को 5-5 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है।
