ट्रंप का चीन दौरा: शी जिनपिंग के साथ व्यापार वार्ता की तैयारी

पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप चीन पहुंचे हैं, जहां उनका शी जिनपिंग के साथ व्यापार वार्ता करने का कार्यक्रम है। यह बैठक ईरान युद्ध के साये में हो रही है, और दोनों नेताओं के बीच व्यापार समझौतों पर चर्चा की जाएगी। ट्रंप ने कहा है कि वह चीन के साथ खाद्य पदार्थों और विमानों की खरीद को लेकर नए समझौतों की योजना बना रहे हैं। जानें इस महत्वपूर्ण शिखर सम्मेलन के बारे में और क्या संभावनाएं बन रही हैं।
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ट्रंप का चीन दौरा

पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप महत्वपूर्ण शिखर सम्मेलन के लिए चीन पहुंच गए हैं, जबकि ईरान युद्ध की स्थिति पर बातचीत का दबाव बना हुआ है। विश्व की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के नेताओं के बीच यह सातवां आमना-सामना होगा। दोनों ने आखिरी बार अक्टूबर 2025 में दक्षिण कोरिया के बुसान में मुलाकात की थी। चीन ने नौ वर्षों में दूसरी बार ट्रंप का स्वागत करने की तैयारी की है, जिसका मुख्य उद्देश्य व्यापार समझौते पर सहमति बनाना और शुल्क विवाद को सुलझाना है, जिससे अमेरिका को 525 अरब डॉलर से अधिक के निर्यात पर असर पड़ा है। ट्रंप ने 2017 में अपने पहले कार्यकाल के दौरान चीन की यात्रा की थी, और उसके बाद से कोई अमेरिकी राष्ट्रपति यहां नहीं आया।


बैठक की योजना

अमेरिकी उप प्रेस सचिव अन्ना केली ने बताया कि ट्रंप बुधवार शाम बीजिंग पहुंचेंगे और बृहस्पतिवार को शी जिनपिंग के साथ स्वागत समारोह और द्विपक्षीय बैठक में भाग लेंगे। दोनों नेता शुक्रवार को चाय और दोपहर के भोजन पर फिर से मिलेंगे। अमेरिका की योजना है कि बाद में चीनी राष्ट्रपति की पारस्परिक यात्रा की मेज़बानी की जाएगी। रविवार को दोनों पक्षों ने कहा कि ट्रंप की यात्रा से पहले चीन के उप प्रधानमंत्री हे लिफेंग अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के साथ व्यापार वार्ता के लिए 12 और 13 मई को दक्षिण कोरिया की यात्रा करेंगे।


व्यापार पर ध्यान केंद्रित

बीजिंग रवाना होने से पहले ट्रंप ने वाशिंगटन में मीडिया से कहा कि वह शी जिनपिंग के साथ सबसे अधिक व्यापार के मुद्दों पर चर्चा करेंगे। वह चीन के साथ अमेरिकी खाद्य पदार्थों की खरीद और विमानों की अधिक संख्या में खरीद के लिए नए समझौतों की योजना बना रहे हैं। दोनों देशों ने मतभेदों को सुलझाने के लिए एक 'बोर्ड ऑफ ट्रेड' स्थापित करने की योजना बनाई है। व्यापार के दृष्टिकोण से, ट्रंप के साथ अमेरिकी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के शीर्ष सीईओ भी शामिल हैं, जिनमें टेस्ला के एलन मस्क और एप्पल के टिम कुक शामिल हैं, जिनका चीन में मजबूत व्यवसाय है।