झारखंड के आदिवासी बाजार में अनोखा लाल पनीर

झारखंड के आदिवासी बाजार में एक अनोखा लाल पनीर बनाया जाता है, जो बकरे के खून से तैयार होता है। यह पनीर स्थानीय जनजातियों के बीच लोकप्रिय है और इसे बाजार में बैठी महिलाओं द्वारा बनाया जाता है। जानें इस अनोखे व्यंजन की तैयारी की प्रक्रिया और इसके पीछे की सांस्कृतिक महत्वता।
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झारखंड के आदिवासी बाजार में अनोखा लाल पनीर

लाल पनीर का अनोखा अनुभव

झारखंड के आदिवासी बाजार में अनोखा लाल पनीर


सोशल मीडिया पर झारखंड के आदिवासी बाजार का एक चौंकाने वाला वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में दिखाया गया है कि यहां लाल पनीर का निर्माण बकरे के ताजा खून से किया जाता है, न कि दूध से। यह पनीर न केवल बिकता है, बल्कि लोग इसे खरीदकर बाजार में बैठी महिलाओं से बनवाकर भी खाते हैं।


यह खूनी पनीर देखने में थोड़ा डरावना लगता है, लेकिन स्थानीय संथाली, मुंडा और ओरांव जनजाति इसे बड़े चाव से खाते हैं। झारखंड के रांची, गुमला, लोहरदगा और खूंटी के हाट-बाजारों में यह विशेषता देखने को मिलती है, जहां लोग इसका स्वाद लेने के लिए दूर-दूर से आते हैं। वीडियो में एक आदिवासी महिला को इस पनीर को झारखंडी तरीके से बनाते हुए दिखाया गया है।


बाजार का मजा लें!
रांची के इस आदिवासी बाजार में विभिन्न प्रकार के मीट उपलब्ध हैं। यहां चिकन, मटन, बत्तख, कई प्रकार की चिड़ियां, घोंघे और अन्य अनोखे मांस मिलते हैं। इनमें से एक है बकरे के खून से बना पनीर, जिसे लोग महंगे दाम पर खरीदते हैं। इसके बाद, बाजार में ही मिट्टी के चूल्हे पर बैठी महिलाओं के पास जाकर इसे पकवाते हैं। महिलाएं केवल मीट और तेल लेती हैं, बाकी सभी मसाले ग्राहक खुद लाते हैं। इस तरह, बाजार में ही यह डिश तैयार हो जाती है और लोग वहीं बैठकर इसका आनंद लेते हैं।


लाल पनीर बनाने की प्रक्रिया
जब बाजार में बकरा काटा जाता है, तो खून को एक बर्तन में इकट्ठा किया जाता है। इस खून में नींबू का रस या सिरका मिलाकर हिलाया जाता है। थोड़ी देर बाद खून फट जाता है और 10 मिनट में स्पंजी पनीर तैयार हो जाता है। इसे ‘रक्त पनीर’, ‘ब्लड चीज’ या ‘खूनी पनीर’ कहा जाता है। यह प्राचीन रेसिपी आदिवासियों के लिए प्रोटीन और आयरन का एक महत्वपूर्ण स्रोत मानी जाती है।


बकरे का खून गर्मागर्म इकट्ठा किया जाता है ताकि बैक्टीरिया न पनपे। फिर इसमें एसिडिक चीजें जैसे इमली, नींबू या फिटकिरी डालकर इसे कोगुलेट किया जाता है। ऊपर की परत लाल पनीर बनती है जबकि नीचे पानी इकट्ठा हो जाता है। इस पनीर को काटकर करी में डाला जाता है या भूनकर खाया जाता है। इसका स्वाद मीट जैसा होता है, लेकिन टेक्सचर पनीर जैसा होता है।