जेवर एयरपोर्ट के विस्तार में तेजी, 70% भूमि अधिग्रहण पूरा

ग्रेटर नोएडा में जेवर एयरपोर्ट के तीसरे चरण का विस्तार कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है, जहां 70% भूमि अधिग्रहण पूरा हो चुका है। प्रशासन ने किसानों को मुआवजे का भुगतान शुरू कर दिया है, जबकि भूमि अधिग्रहण की कानूनी प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है। इस प्रक्रिया में छह गांवों का विस्थापन प्रस्तावित है, जिससे लगभग 20,000 किसानों के प्रभावित होने की संभावना है। प्रशासन ने विरोध के बावजूद इस कार्य में महत्वपूर्ण प्रगति की है।
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जेवर एयरपोर्ट के विस्तार में तेजी, 70% भूमि अधिग्रहण पूरा gyanhigyan

ग्रेटर नोएडा में जेवर एयरपोर्ट का विकास

ग्रेटर नोएडा: जेवर एयरपोर्ट के तीसरे चरण का विस्तार कार्य कुछ गांवों में विरोध के बावजूद तेजी से प्रगति कर रहा है। तहसील प्रशासन ने 70 प्रतिशत किसानों की मुआवजे से संबंधित फाइलें जिला प्रशासन को सौंप दी हैं। इन फाइलों के आधार पर अधिकांश किसानों को मुआवजे की राशि का भुगतान किया जा रहा है, और भूमि अधिग्रहण की कानूनी प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है.


जल्द शुरू होगा संपत्तियों का मूल्यांकन

भूमि अधिग्रहण की कागजी और वित्तीय प्रक्रिया पूरी होते ही, प्रशासन द्वारा गठित 17 टीमें सक्रिय हो जाएंगी। ये टीमें अधिग्रहित संपत्तियों का मूल्यांकन तेजी से करेंगी। उल्लेखनीय है कि इस चरण में जेवर क्षेत्र के छह गांवों का विस्थापन प्रस्तावित है, जिससे लगभग 20,000 किसानों के विस्थापित होने की संभावना है.


1857.88 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के तीसरे चरण के विस्तार में जेवर के 14 गांव शामिल हैं, जिनकी कुल 1857.88 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है। प्रशासन ने फरवरी के अंत से मार्च के पहले सप्ताह के बीच सभी संबंधित गांवों का अवार्ड घोषित किया था, जिसके बाद किसानों के बैंक खातों में मुआवजे की राशि भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई.


प्रशासन की बड़ी सफलता के बावजूद विरोध

भूमि अधिग्रहण की यह प्रक्रिया शुरू से ही चुनौतीपूर्ण रही है। नीमका, थोरा और ख्वाजपुर जैसे गांवों में किसानों ने इसका विरोध किया। फिर भी, प्रशासन ने तीन महीने के भीतर लगभग 70 प्रतिशत यानी करीब 1300 हेक्टेयर भूमि का सफलतापूर्वक अधिग्रहण किया है, जिसे एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.