एसपी बालासुब्रमण्यम: संयोग से बने गायक और संगीत के सितारे

एसपी बालासुब्रमण्यम, भारतीय सिनेमा के एक महान गायक, ने कभी गायक बनने का सपना नहीं देखा था। एक बीमारी ने उनकी इंजीनियरिंग की पढ़ाई को बाधित किया, जिसके बाद उन्होंने संगीत की दुनिया में कदम रखा। उनके अद्वितीय करियर में 6 राष्ट्रीय पुरस्कार और 40,000 से अधिक गाने शामिल हैं। जानें उनके जीवन की अनोखी कहानी और कैसे उन्होंने संयोग से गायक बनने का सफर तय किया।
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एसपी बालासुब्रमण्यम: संयोग से बने गायक और संगीत के सितारे gyanhigyan

एक अद्भुत यात्रा की शुरुआत

भारतीय सिनेमा को कई यादगार गाने देने वाले एसपी बालासुब्रमण्यम को देश के सबसे महान गायकों में से एक माना जाता है। उनकी आवाज ने कई पीढ़ियों का दिल जीता, लेकिन क्या आप जानते हैं कि 6 राष्ट्रीय पुरस्कार और पद्म विभूषण प्राप्त करने वाले इस गायक ने कभी गायक बनने का सपना नहीं देखा था? वह इंजीनियर बनने की ख्वाहिश रखते थे, लेकिन एक बीमारी के कारण उनकी पढ़ाई अधूरी रह गई। आज उनके जन्मदिन पर जानते हैं कि कैसे एक संयोग ने उन्हें संगीत की दुनिया का बड़ा सितारा बना दिया।


जीवन की शुरुआत और संगीत की ओर रुख

दिग्गज गायक एसपी बालासुब्रमण्यम का पूरा नाम श्रीपति पंडिताराध्युला बालासुब्रमण्यम था। उनका जन्म 4 जून 1946 को आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जिले के कोनेतम्मापेटा गांव में हुआ। उन्हें भारतीय गायकों में से एक महान गायक माना जाता था, लेकिन उन्होंने कभी गायक बनने की इच्छा नहीं की। गायक होने के अलावा, वह एक टेलीविजन प्रजेंटर, अभिनेता, संगीतकार, डबिंग कलाकार और निर्माता भी थे। उन्होंने तेलुगु, तमिल, कन्नड़, मलयालम और हिंदी फिल्मों में काम किया।


इंजीनियर बनने का सपना और संगीत में कदम

एसपी बालासुब्रमण्यम और उनके पिता दोनों चाहते थे कि वह इंजीनियरिंग की पढ़ाई करें। उन्होंने जेएनटीयू कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में दाखिला लिया, लेकिन टाइफाइड के कारण उनकी पढ़ाई अधूरी रह गई। इस घटना ने उन्हें संगीत की ओर मोड़ दिया। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि वह गायक बनने का संयोग से बने। हालांकि, बाद में उन्होंने चेन्नई के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियर्स से अपनी पढ़ाई जारी रखी।


संगीत प्रतियोगिताओं से फिल्मी सफर की शुरुआत

एसपी बालासुब्रमण्यम ने एक बार कहा था कि उन्होंने कभी भी संगीत की औपचारिक ट्रेनिंग नहीं ली, लेकिन फिल्मों में काम मिलने से पहले उन्होंने कई संगीत प्रतियोगिताओं में भाग लिया और वहां कई बार जीत हासिल की। उनका पहला ऑडिशन गीत 'निलवे एननिदम नेरुंगधे' था। मशहूर संगीतकार लक्ष्मीकांत ने उनकी गाने जल्दी सीखने की क्षमता की सराहना की।


संगीत में अद्वितीय योगदान

एसपी बालासुब्रमण्यम ने अपने करियर में कई पुरस्कार जीते। उन्होंने 6 बार राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त किया, 2001 में पद्म श्री, 2011 में पद्म भूषण और 2021 में मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। 54 साल के करियर में उन्होंने लगभग 40,000 गाने गाए और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने सलमान खान की कई शुरुआती फिल्मों में गाने गाए।


अनोखा रिकॉर्ड और उपलब्धियां

8 फरवरी 1981 को, एसपी बालासुब्रमण्यम ने एक नया रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने सुबह 9 बजे से रात 9 बजे के बीच कन्नड़ भाषा में लगातार 21 गाने गाए। इसके अलावा, फिल्म 'केलादी कनमनी' के तमिल गीत 'मन्निल इन्था' में उन्होंने बिना रुके एक सांस में गाना गाकर सभी को चौंका दिया।