इम्तियाज अली की नई फिल्म और कॉलेज के दिनों का किडनैपिंग किस्सा

इम्तियाज अली, जो हिंदी सिनेमा के जाने-माने निर्देशक हैं, अपनी नई फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' के लिए चर्चा में हैं। इस फिल्म में दिलजीत दोसांझ और अन्य कलाकार मुख्य भूमिकाओं में हैं। इसके साथ ही, इम्तियाज ने अपने कॉलेज के दिनों में हुई एक किडनैपिंग की घटना का खुलासा किया, जो दर्शकों को रोमांचित कर सकती है। जानें इस दिलचस्प कहानी के बारे में।
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इम्तियाज अली की नई फिल्म 'मैं वापस आऊंगा'

प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक इम्तियाज अली ने हिंदी सिनेमा को कई बेहतरीन फिल्में दी हैं और अब वह अपनी नई फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' के लिए चर्चा में हैं, जो जल्द ही सिनेमाघरों में प्रदर्शित होने वाली है। इस फिल्म को लेकर दर्शकों में काफी उत्साह है। इसमें दिलजीत दोसांझ, वेदांग रैना और शरवरी वाघ मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे।


इम्तियाज अली की नई फिल्म और कॉलेज के दिनों का किडनैपिंग किस्सा
दिल्ली में किडनैप हो गए थे इम्तियाज अली, होस्टल से उठा ले गए लोकल गैंग के लोग, मुसीबत से कैसे निकले बाहर?


कॉलेज के दिनों में इम्तियाज अली का किडनैप होना

यह घटना 90 के दशक की है, जब इम्तियाज अली दिल्ली के हिंदू कॉलेज में पढ़ाई कर रहे थे। उस समय उन्हें हॉस्टल से एक स्थानीय गैंग द्वारा अगवा कर लिया गया था, और वह मुश्किल से बचकर निकल पाए। इम्तियाज ने 'अनफिल्टर्ड विद समदीश' शो में इस घटना का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि यह विवाद NSUI और ABVP के बीच की प्रतिद्वंद्विता के कारण हुआ।


छोटी सी बात पर बड़ा विवाद

इम्तियाज ने इस घटना को याद करते हुए कहा, 'उस समय विश्वविद्यालयों में NSUI और ABVP के बीच की प्रतिद्वंद्विता आम थी। किसी ने मेरे हॉस्टल की दीवार पर एक पोस्टर चिपका दिया। मैंने उनसे कहा कि इसे सामने की दीवार पर न लगाएं, बल्कि साइड की दीवार पर लगाएं। लेकिन उन्होंने मेरी बात नहीं मानी और पोस्टर वहीं चिपका दिया। मैंने उसे निकालकर साइड की दीवार पर चिपका दिया, जिससे विवाद शुरू हो गया।'


रात के समय किडनैपिंग का अनुभव

इम्तियाज ने आगे बताया, 'एक रात लगभग 2 बजे, मेरे एक साथी ने मुझे भागने के लिए कहा। उसने कहा कि वे लोग आ रहे हैं। तभी वे लोग आए और मुझसे कहा कि मेरे साथ चलो। मैंने पूछा कि कहां जाना है, लेकिन उन्होंने कुछ नहीं कहा। वे मुझे ले जाने के लिए साइकिल रिक्शा लेकर आए थे। उन्होंने अपने लीडर से कहा कि मैंने पोस्टर फाड़ा है। मैंने स्पष्ट किया कि मैंने उसे फाड़ा नहीं, बल्कि साइड की दीवार पर चिपका दिया। लीडर ने उन्हें झूठ बोलने पर दो थप्पड़ मारे और इस तरह मैं बच गया।'


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