इंदौर में पर्यावरण सेवा सप्ताह का सफल समापन

इंदौर में लायंस इंटरनेशनल डिस्ट्रिक्ट और श्री वल्लभ आनंद क्लब द्वारा आयोजित पर्यावरण सेवा सप्ताह का समापन एक दिवसीय कार्यशाला 'पर्यावरणीय जागरूकता' के साथ हुआ। इस कार्यक्रम में प्रमुख पर्यावरणविद् डॉ. जनक पलटा मगिलिगन ने अपने अनुभव साझा किए और पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर जोर दिया। कार्यशाला में अन्य वक्ताओं ने भी प्लास्टिक के उपयोग और पर्यावरणीय मुद्दों पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए, जिन्होंने पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
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इंदौर में पर्यावरण सेवा सप्ताह का सफल समापन gyanhigyan

पर्यावरणीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन


इंदौर में लायंस इंटरनेशनल डिस्ट्रिक्ट 3233 G-2 और श्री वल्लभ आनंद क्लब के सहयोग से सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित पर्यावरण सेवा सप्ताह का समापन एक दिवसीय कार्यशाला 'पर्यावरणीय जागरूकता' के साथ हुआ।


इस कार्यशाला का उद्घाटन प्रसिद्ध पर्यावरणविद् और पद्मश्री पुरस्कार विजेता डॉ. जनक पलटा मगिलिगन ने किया।


डॉ. जनक पलटा मगिलिगन ने अपने प्रेरणादायक भाषण में कहा, "1964 में भारत की पहली सफल ओपन हार्ट सर्जरी के बाद मैंने ईश्वर से कहा था कि मैं अपना जीवन आपके धन्यवाद में बिताऊंगी।"


उन्होंने बताया कि 1985 में चंडीगढ़ छोड़कर इंदौर आईं और आदिवासी महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए बरली ग्रामीण महिला संस्थान की स्थापना की।


डॉ. मगिलिगन ने कहा कि उनके पति स्वर्गीय जिम्मी मगिलिगन ने सोलर कुकिंग को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।


उन्होंने बताया कि सोलर कुकरों के उपयोग से कई महिलाएं गर्भपात और यौन उत्पीड़न से बच सकीं।


सनावादिया गांव में अपने घर के निर्माण के दौरान, उन्होंने 50 आदिवासी भूमिहीन परिवारों के लिए सोलर और विंडमिल स्थापित किए।


डॉ. मगिलिगन ने कहा, "हमारे पास यह चॉइस नहीं है कि हम मरेंगे कैसे, लेकिन यह चॉइस अवश्य है कि हम कैसे जीएंगे।"


कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ. सलूजा ने प्लास्टिक के उपयोग पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया।


डॉ. प्रवीण जोशी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल भाषणों तक सीमित नहीं रहना चाहिए।


कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुआ।


अतिथियों का स्वागत श्रीमती मधु गुप्ता ने किया।


कार्यक्रम में विभिन्न लायंस क्लब के प्रतिनिधियों और विद्यार्थियों की बड़ी संख्या उपस्थित रही।


कार्यक्रम का संचालन डॉ. ललित नागर ने किया और आभार प्रदर्शन श्रीमती अरुंधति पेंढारकर ने किया।