अपरा मेहता की जिंदगी की अनकही कहानियाँ: अकेलेपन से आत्मनिर्भरता तक

अपरा मेहता, जो 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' जैसे शो से जानी जाती हैं, ने अपनी जिंदगी के अनकहे पहलुओं को साझा किया है। उन्होंने 23 साल की शादी के बाद पति के अचानक जाने के बाद अकेले रहने का निर्णय लिया। अपरा ने दूसरी शादी न करने के पीछे के कारणों को स्पष्ट किया और अपने संघर्षों से सफलता की ओर बढ़ने की कहानी बताई। जानें उनके अनुभव और विचार इस लेख में।
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मनोरंजन की दुनिया में छिपे दर्द


मनोरंजन क्षेत्र की चमक-दमक के पीछे कई ऐसी कहानियाँ होती हैं, जो दिल को छू जाती हैं। एक ऐसी ही कहानी साझा की है प्रसिद्ध अभिनेत्री Apara Mehta ने। 65 वर्षीय अपरा, जो 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' जैसे लोकप्रिय शो से जानी जाती हैं, ने अपनी निजी जिंदगी के कुछ अनदेखे पहलुओं को उजागर किया है।


23 साल की शादी और अचानक अलगाव

अपरा मेहता ने 1980 में अभिनेता Darshan Jariwala से विवाह किया था। उनका वैवाहिक जीवन सामान्य था और उनकी एक बेटी भी हुई। लेकिन 2003 में, 23 साल की शादी के बाद, दर्शन ने अचानक घर छोड़ दिया।


अपरा ने बताया कि उनका और दर्शन का कभी कानूनी तलाक नहीं हुआ, लेकिन वे पिछले दो दशकों से अलग रह रहे हैं।


एक नई शुरुआत की तलाश

“पति के अचानक जाने के बाद मैंने खुद को संभाला, अकेले ही बेटी की परवरिश की और अपने करियर को भी नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।” अपरा मेहता


जब अपरा से पूछा गया कि उन्होंने दोबारा शादी क्यों नहीं की, तो उन्होंने रिश्तों की अनिश्चितता और जल्दबाजी से दूरी बनाने की बात की। उनका मानना है कि जब एक रिश्ता लंबे समय तक नहीं चल पाता, तो दूसरी शादी की सफलता की कोई गारंटी नहीं होती।


आज भी दरवाजे खुले हैं

अपरा ने कहा कि पति के जाने के बाद भी उनके मन में कोई कड़वाहट नहीं है। वे अपनी सास के करीब रहीं और उनका रिश्ता हमेशा मजबूत रहा।


उन्होंने यह भी बताया कि उनके घर के दरवाजे आज भी दर्शन के लिए खुले हैं, लेकिन वे समझती हैं कि इतने सालों बाद उनकी वापसी की संभावना बहुत कम है।


संघर्ष से सफलता की ओर

पति से अलग होने के बावजूद अपरा ने हार नहीं मानी। उन्होंने टीवी, थिएटर और फिल्मों में अपने अभिनय का लोहा मनवाया। 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' में 'सविता मंशुक विरानी' का किरदार निभाकर उन्होंने भारतीय टेलीविजन में अपनी पहचान बनाई।


आज 65 साल की उम्र में भी वे एक स्वतंत्र और आत्मनिर्भर महिला के रूप में अपनी जिंदगी को गरिमा के साथ जी रही हैं।