मानवी गगरो का नया फिल्म 'हीर सारा और पोंडिचेरी' और सुंदरता के मानदंड

मानवी गगरो अपनी नई फिल्म 'हीर सारा और पोंडिचेरी' के रिलीज के लिए तैयार हैं। उन्होंने फिल्म उद्योग में कठोर सुंदरता मानदंडों पर अपनी राय साझा की और बताया कि कैसे वजन घटाने के इंजेक्शन ने बदलाव को प्रभावित किया है। इस फिल्म की कहानी दो महिलाओं की यात्रा पर आधारित है, जो पोंडिचेरी जाती हैं। जानें मानवी ने अपने जीवन और फिल्म के बारे में क्या कहा!
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मानवी गगरो का नया फिल्म 'हीर सारा और पोंडिचेरी' और सुंदरता के मानदंड gyanhigyan

मानवी गगरो की नई फिल्म का इंतजार

मानवी गगरो अपनी नई फिल्म, हीर सारा और पोंडिचेरी, के रिलीज के लिए तैयार हैं। इस फिल्म में वह पत्रलेखा के साथ नजर आएंगी, जिसका निर्देशन कार्तिक चौधरी ने किया है। यह फिल्म 12 जून को बड़े पर्दे पर रिलीज होने वाली है। इसके आने से पहले, एक विशेष बातचीत में मानवी ने अपने आगामी प्रोजेक्ट और उद्योग में कठोर सुंदरता मानदंडों के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि असली बदलाव करीब है, लेकिन एक चीज ने हमें दशकों पीछे धकेल दिया है, और वह है वजन घटाने के इंजेक्शन। आइए जानते हैं उन्होंने क्या कहा!


कठोर सुंदरता मानदंडों पर मानवी गगरो की राय

कठोर सुंदरता मानदंडों पर मानवी गगरो की राय

मानवी ने बातचीत में बताया कि फिल्म उद्योग हमेशा हमारे समाज का एक सूक्ष्म रूप रहेगा, चाहे यह अच्छा हो या बुरा। उन्होंने कहा, "क्या कठोर और लिंग-भेदित सुंदरता मानदंडों पर अधिक चर्चाएँ हो रही हैं? हाँ। क्या ये असली बदलाव और अवसरों में बदल रही हैं? इतना यकीन नहीं। जबकि बहुत सारे वैकल्पिक मीडिया इस बदलाव के लिए प्रयासरत हैं, मुख्यधारा का मीडिया इस मामले में अभी भी बहुत कठोर है।"

उन्होंने याद किया कि कुछ साल पहले इस विषय पर चर्चाओं का एक उच्च स्तर था। "ऐसा लगा कि असली बदलाव करीब है, लेकिन फिर वजन घटाने के चमत्कारी इंजेक्शन आए। और हम सभी दशकों पीछे चले गए। 'हेरोइन चिक', 'टमी टकर', 'स्नैपबैक', आदि सभी हमारे शब्दावली में वापस आ गए हैं," मानवी ने कहा।


हीर सारा और पोंडिचेरी पर मानवी गगरो की बातें

हीर सारा और पोंडिचेरी पर मानवी गगरो की बातें

इसी बातचीत में, मानवी ने अपनी आगामी फिल्म हीर सारा और पोंडिचेरी के बारे में चर्चा की। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्हें इस फिल्म की भाषा बहुत पसंद है, जबकि संवाद वास्तविक, संवादात्मक और कहानी के अनुसार प्रामाणिक लगते हैं। उन्होंने इसे रूपक के रूप में बताते हुए कहा कि यह फिल्म एक भावना, इच्छा और अपने जीवन को अपने तरीके से जीने की प्रेरणा को पकड़ने की कोशिश करती है।

जब उनसे पूछा गया कि क्या कभी उन्हें सब कुछ छोड़कर भागने की जरूरत महसूस हुई, तो उन्होंने कहा, "नहीं। मैं एक ऐसा जीवन जीने की कोशिश करती हूं, जिससे मुझे भागने की जरूरत न पड़े।" मानवी ने स्वीकार किया कि वह अपने जीवन के हर पल का आनंद लेने की कोशिश करती हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कभी-कभी थकावट होती है और ताजगी पाने के लिए एक छोटी यात्रा, प्रियजन के साथ कॉफी डेट या बस एक लंबी नींद लेना मददगार हो सकता है।

यह फिल्म दो महिलाओं की कहानी है जो एक मोटरसाइकिल यात्रा पर पोंडिचेरी जाती हैं। क्या आप इस फिल्म को देखने के लिए उत्सुक हैं? अपने विचार @TimesNow पर साझा करें।