कुमुद मिश्रा का सिनेमा पर विचार: छोटे बजट की फिल्मों की घटती संख्या
कुमुद मिश्रा ने हाल ही में एक साक्षात्कार में हिंदी सिनेमा में छोटे बजट की फिल्मों की घटती संख्या और दर्शकों के बदलते व्यवहार पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि कैसे बड़े बजट की फिल्में छोटे प्रोजेक्ट्स को समर्थन देती हैं और दर्शकों की सिनेमा के प्रति रुचि में कमी आई है। उनका मानना है कि छोटे पैमाने की फिल्में सामाजिक मुद्दों को बेहतर तरीके से उठाती थीं, लेकिन अब उनकी संख्या में कमी आ रही है। इस साक्षात्कार में कुमुद ने सिनेमा के भविष्य के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए हैं।
| May 24, 2026, 13:10 IST
कुमुद मिश्रा की सच्ची कहानियों से जुड़ाव
कुमुद मिश्रा ने उन स्क्रिप्ट्स को चुना है जो उन्हें हिंदी क्षेत्र की वास्तविक कहानियों और घटनाओं से गहराई से जोड़ती हैं। सतरंगी जो ZEE5 हिंदी पर है, उनमें से एक है। मिश्रा ने कई ऐसी फिल्मों और शो में भाग लिया है जो आलोचकों द्वारा सराहे गए हैं, भले ही उनका बजट भारी न हो। एक विशेष साक्षात्कार में, कुमुद ने हिंदी सिनेमा में बदलाव और छोटे और मध्यम स्तर की परियोजनाओं की कमी पर चर्चा की। उन्होंने यह भी बताया कि सीमित संसाधनों और कम बजट वाली फिल्में सामाजिक कहानियों को बेहतर तरीके से प्रस्तुत कर सकती हैं।
