Awarapan 2: एक नई कहानी में शिवम पंडित की वापसी
फिल्म का परिचय
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निर्देशक: नितिन कक्कर, कास्ट: इमरान हाशमी, दिशा पटानी, शबाना आज़मी, पुरन गब्बी, सुविंदर विक्की, अवधि: 140 मिनट, रेटिंग: 4 सितारे।
कहानी का सार
कुछ पात्र ऐसे होते हैं जो अभिनेता के साथ इतनी गहराई से जुड़े होते हैं कि उन्हें दो दशकों के बाद वापस लाना एक जोखिम भरा कदम होता है। इमरान हाशमी के लिए शिवम पंडित ऐसा ही एक पात्र है। 'अवारापन 2' इस जोखिम को उठाता है और अधिकांशतः समझता है कि 2007 की फिल्म क्यों एक कल्ट पसंदीदा बन गई। नितिन कक्कर द्वारा निर्देशित, यह फिल्म मूल की भावनात्मक धागे को पकड़ती है। शिवम अब भी आलिया की यादों को अपने साथ लिए हुए है जब वह उसके कब्र पर एक abandoned बच्ची से मिलता है। वह उसे अनाथालय ले जाता है, उसकी देखभाल के लिए चुपचाप भुगतान करता है और उसका नाम आलिया रखता है। जब एक दंपत्ति बाद में उस बच्ची को गोद लेता है, शिवम खुद को यह समझाने की कोशिश करता है कि उसे एक परिवार देना सही है। लेकिन जब इंटरपोल उसे बताता है कि आलिया का अपहरण हो गया है, तो वह व्यक्ति जो अपराध की दुनिया से दूर चला गया था, वापस लौटने के लिए मजबूर हो जाता है।
कहानी का विकास
यह आधार 'अवारापन 2' को शिवम को वापस लाने का एक स्वाभाविक कारण देता है। इंटरपोल उसकी मदद चाहता है, लेकिन शिवम की प्रेरणा व्यक्तिगत है। आलिया के प्रति उसकी अपराधबोध और उसे बचाने में असमर्थता उसे उस दुनिया में वापस खींच लाती है जिसे वह छोड़ना चाहता था। यह सीक्वल फ्रैंचाइज़ का विस्तार करता है। पहली 'अवारापन' कच्ची, अंतरंग और शिवम के व्यक्तिगत परिवर्तन में गहराई से निहित थी।
नई फिल्म उस संकीर्ण नैतिक जागरूकता से एक बड़े अपराध थ्रिलर में बदल जाती है जिसमें मानव तस्करी, संगठित अपराध, प्रतिशोध और बलिदान शामिल हैं। इसका पैमाना बड़ा है, एक्शन अधिक प्रमुख है और कहानी कहने का तरीका थियेट्रिकल दर्शकों के लिए डिज़ाइन किया गया है, लेकिन भावनात्मक मूल शिवम की मुक्ति की खोज बनी रहती है।
निर्माण और संगीत
इस विकास का एक बड़ा हिस्सा विशाल भट्ट से आता है। 'अवारापन' के सह-निर्माता और अब 'अवारापन 2' के लेखक-निर्माता, भट्ट का दृष्टिकोण 'अवारापन' को एक फ्रैंचाइज़ में बदलने का है। यह केवल एक सीक्वल नहीं है, बल्कि शिवम पंडित की कहानी के अगले अध्याय को बनाने का स्पष्ट प्रयास है।
फिल्म का संगीत भी मूल के साथ महत्वपूर्ण संबंध बनाता है। मिथून, आमल मलिक और जीत गंगुली फ्रैंचाइज़ की संगीत पहचान को आगे बढ़ाते हैं। 'तेरा मेरा रिश्ता' और 'तो फिर आओ' को मिथून ने फिर से कल्पना की है, जबकि 'ये आवारापन', जिसे अरिजीत सिंह ने गाया है, एक और भावनात्मक परत जोड़ता है।
फिल्म की सफलता
'अवारापन 2' इसलिए सफल होता है क्योंकि यह फ्रैंचाइज़ की जड़ों का सम्मान करता है। यह बड़ा, अधिक महत्वाकांक्षी और मूल से अधिक पारंपरिक थ्रिलर है, लेकिन यह शिवम पंडित की यादों, क्रोध, बलिदान और मुक्ति की खोज को बनाए रखता है। दिशा पटानी को एक महत्वपूर्ण भूमिका मिलती है, पुरन गब्बी एक वास्तविक खोज के रूप में उभरते हैं, और सहायक कास्ट वजन जोड़ती है।
