34 साल पुराना मर्डर केस: प्रेमिका की हत्या का राज प्रेत आत्मा ने खोला

34 साल पहले मुंबई से अहमदाबाद आई फरजाना की हत्या का मामला अब एक प्रेत आत्मा के दर्शन के बाद खुल गया है। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने इस पुरानी हत्या के राज को उजागर किया है, जिसमें मृतक के अवशेष बरामद हुए हैं। जानें कैसे इस केस ने एक नया मोड़ लिया और पुलिस ने किस तरह से आरोपियों को हिरासत में लिया। यह कहानी न केवल हत्या के रहस्य को उजागर करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि सच को छिपाना संभव नहीं है।
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प्रेमिका की हत्या का रहस्य

34 साल पुराना मर्डर केस: प्रेमिका की हत्या का राज प्रेत आत्मा ने खोला


अहमदाबाद। 1992 में मुंबई से अपने प्रेमी के पास आई फरजाना की हत्या कर दी गई थी, और तब से वह लापता मानी जा रही थी। हाल ही में प्रेमी के घर में प्रेत आत्मा के दर्शन के बाद इस मर्डर केस का पर्दाफाश हुआ है।


यह घटना इस बात का प्रमाण है कि सच को कुछ समय के लिए छिपाया जा सकता है, लेकिन हमेशा नहीं। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने 34 साल पहले हुई इस हत्या का खुलासा किया है, जिसे अपराधियों ने समझा था कि उनका राज कभी नहीं खुलेगा। दिलचस्प बात यह है कि इस केस को सुलझाने में पुलिस से ज्यादा 'मृतक के भूत' का योगदान रहा।


पुलिस ने 1992 में हत्या की गई महिला के कंकाल के कुछ अवशेष बरामद किए हैं। अहमदाबाद के कुतुबनगर में खुदाई के दौरान इस पुरानी फाइल को फिर से खोला गया है, जिससे पीड़िता को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। माना जा रहा है कि ये अवशेष फरजाना उर्फ शबनम के हैं। वह मुंबई की निवासी थी और 34 साल पहले अपने प्रेमी से मिलने अहमदाबाद आई थी, लेकिन संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई।


हालिया जांच के अनुसार, फरजाना की हत्या उसके प्रेमी के घर में तनाव के कारण हुई। एक पुलिस अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, 'संभवत: समशुद्दीन ने शव को अपने घर के कुएं में छिपा दिया था, जिससे यह अपराध तीन दशकों तक छिपा रहा। उसकी भी मृत्यु हो चुकी है। उस समय फरजाना को गुमशुदा माना गया और जांच हत्या की दिशा में नहीं बढ़ी।'



डीसीपी अजित रजियान ने बताया कि शमशुद्दीन के भाई रिजवान और अन्य संभावित आरोपियों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। हम उन रिश्तेदारों से भी पूछताछ कर रहे हैं जो इस घटना के गवाह हो सकते हैं।


कैसे प्रेत ने खोला राज
पुलिस के अनुसार, इस केस के सुराग तब मिले जब शमशुद्दीन के परिवार को 'फरजाना का भूत' दिखने लगा। उन्हें अपने घर में किसी प्रेत आत्मा की उपस्थिति का डर सताने लगा, जिससे वे मानसिक तनाव में रहने लगे। एक अधिकारी ने बताया, 'भूत के डर से परिवार ने जादू-टोना करने वालों से संपर्क किया। इस दौरान परिवार ने हत्या और शव छिपाने की बात कबूल की, जो पुलिस तक पहुंच गई।' डीसीपी ने कहा कि अवशेषों को फॉरेंसिक लैब में भेजा गया है, और यदि सैंपल मेल खाते हैं, तो मर्डर का केस दर्ज किया जाएगा।