लखनऊ में बेटे ने पिता की हत्या का लिया बदला, जानें पूरी कहानी

लखनऊ में एक बेटे ने अपने पिता से 11 साल पहले अपनी मां को मारे गए थप्पड़ का बदला लिया। यह घटना तब शुरू हुई जब सोनू कश्यप ने अपने पिता को अपनी मां के साथ दुर्व्यवहार करते देखा। वर्षों बाद, बदले की भावना ने उसे अपने पिता पर हमला करने के लिए प्रेरित किया। जानें इस दिलचस्प और भयावह कहानी के बारे में, जिसमें पुलिस ने कैसे आरोपियों को पकड़ा।
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सोनू कश्यप का बदला

लखनऊ में एक बेटे ने अपने पिता से 11 साल पहले अपनी मां को मारे गए थप्पड़ का ऐसा बदला लिया कि सुनकर हर कोई हैरान रह गया। आइए जानते हैं इस घटना का पूरा विवरण।


घटना का प्रारंभ

लखनऊ: भड़ास एक ऐसा जज्बा है, जो अगर मन में दबा रह जाए तो विकराल रूप ले लेता है। ऐसा ही कुछ हुआ 21 वर्षीय सोनू कश्यप के साथ, जिसने अपने पिता मनोज कुमार के प्रति 11 साल से भड़ास पाले रखी थी। इस भड़ास के चलते सोनू ने अपने पिता के साथ ऐसा किया कि जानकर रूह कांप जाएगी।


साल 2015 की घटना

कहानी की शुरुआत लखनऊ के कल्याणपुर से होती है, जब सोनू कश्यप, जो उस समय केवल 11 साल का था, ने अपने पिता को अपनी मां को सार्वजनिक रूप से थप्पड़ मारते देखा। इस घटना ने उसकी मां को इतना मानसिक आघात पहुँचाया कि वह मिर्गी के दौरे का शिकार हो गईं। सोनू इस अपमान को कभी नहीं भुला सका।


बदले की योजना

11 साल बाद बदला: जैसे-जैसे सोनू बड़ा हुआ, उसका गुस्सा भी बढ़ता गया। हाल ही में, उसने अपने पिता को मुंशीपुलिया क्रॉसिंग पर नारियल पानी बेचते देखा। यह देखकर उसके मन में बदले की आग फिर से भड़क उठी। उसने अपने दोस्तों को अपनी कहानी सुनाई और कहा, 'मैं उसे जिंदा नहीं छोड़ूंगा।'


पिता की हत्या की योजना

हत्या का अंजाम: 22 मई को, सोनू और उसके दोस्तों ने मनोज पर हमला करने की योजना बनाई। उन्होंने जानबूझकर मनोज का इंतजार किया और जैसे ही वह वहां से गुजरा, सोनू ने लोहे की रॉड से उस पर हमला किया। उसके दोस्तों ने भी मिलकर उस पर हमला किया, जिससे मनोज बेहोश हो गया।


पुलिस की जांच

पुलिस की खोज: यह मामला पुलिस के लिए एक पहेली बन गया था। लगभग दो महीने तक कोई सुराग नहीं मिला। लेकिन एक नारंगी टी-शर्ट पर एक खास कट का निशान पुलिस के हाथ लगा। यह टी-शर्ट सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दी थी। सोशल मीडिया पर एक युवक ने उसी टी-शर्ट में अपनी तस्वीर डाली थी। पुलिस ने उसे ट्रैक किया और पूछताछ के दौरान उसने अपराध कबूल कर लिया। 20 जुलाई को पुलिस ने सोनू और उसके चार साथियों को गिरफ्तार कर लिया।