रेमो डिसूजा और लिजेल की संघर्ष की कहानी: कैसे बने बॉलीवुड के सितारे

रेमो डिसूजा और लिजेल डिसूजा की कहानी संघर्ष और सफलता की एक प्रेरणादायक यात्रा है। रेमो, जो पहले एक बैकग्राउंड डांसर थे, ने अपने रंग के कारण रिजेक्शन का सामना किया। लिजेल, एक मॉडल, ने रेमो से ज्यादा कमाई की। जानें कैसे इन दोनों ने अपने करियर में चुनौतियों का सामना किया और बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाई।
 | 
gyanhigyan

संघर्ष से सफलता तक का सफर

रेमो डिसूजा और लिजेल डिसूजा की कहानी एक प्रेरणादायक यात्रा है। पहले, वे दोनों इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्ष कर रहे थे। रेमो एक बैकग्राउंड डांसर थे, जो प्रतिदिन 750 रुपये कमाते थे, जबकि लिजेल एक मॉडल थीं और उनकी आय रेमो से कहीं अधिक थी। हाल ही में, इस जोड़े ने साझा किया कि वे कैसे मिले और किन कठिनाइयों का सामना किया।


रंग के कारण मिला रिजेक्शन

रेमो ने कर्ली टेल्स के साथ बातचीत में अपने संघर्ष के बारे में बताया। उन्होंने फिल्म 'रंगीला' के लिए अपने पहले ऑडिशन को याद करते हुए कहा, 'हमारा एक ग्रुप था जिसका नाम Super Brats था। जब अहमद को 'रंगीला' मिली, तो कोरियोग्राफर ने कहा कि उसे नया टैलेंट चाहिए। हमने ऑडिशन दिया, लेकिन मुझे रिजेक्ट कर दिया गया। मुझे लगता है कि मेरे सांवले रंग के कारण ऐसा हुआ।'


बैकग्राउंड डांसर से मशहूर कोरियोग्राफर

रेमो ने बताया कि वह एक असिस्टेंट के रूप में अच्छी कमाई कर रहे थे, लेकिन उन्होंने एक बड़ा रिस्क लेने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा, 'मैं उस समय अहमद को असिस्ट कर रहा था और रोजाना 3,000 रुपये कमाता था।' उनकी जिंदगी में बदलाव तब आया जब उन्होंने फिल्ममेकर अनुभव सिन्हा से अचानक मुलाकात की। आज, रेमो भारत के सबसे प्रसिद्ध कोरियोग्राफरों में से एक हैं।


लिजेल की कमाई रेमो से ज्यादा

लिजेल ने बताया कि उनकी पहली मुलाकात फिल्म के गानों की शूटिंग के दौरान हुई थी। रेमो ने कहा, 'मैं बैकग्राउंड डांसर था और वह मॉडल थीं। हम कड़ी धूप में काम करते थे और मुझे 750 रुपये मिलते थे, जबकि लिजेल को 4,500 रुपये मिलते थे। उनके लिए विशेष सुविधाएं थीं, जबकि हम साधारण तरीके से यात्रा करते थे।'