ममता बनर्जी की लोकसभा में एंट्री की कोशिशों में बाधा, यूसुफ पठान ने किया इनकार

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद ममता बनर्जी लोकसभा में जाने की योजना बना रही हैं। इसके लिए उन्हें सांसद यूसुफ पठान से इस्तीफा दिलवाना होगा, लेकिन पठान ने मना कर दिया है। इस स्थिति में ममता की राजनीतिक रणनीतियों को एक नया मोड़ मिला है। इसके साथ ही, टीएमसी के वरिष्ठ नेता फिरहाद हकीम ने भी महापौर पद से इस्तीफा दे दिया है। जानें इस राजनीतिक उथलपुथल के पीछे की पूरी कहानी।
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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद की स्थिति

कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को मिली हार के बाद पार्टी में हड़कंप मच गया है। हर दिन कोई न कोई नेता या पदाधिकारी इस्तीफा दे रहा है। 80 में से 58 टीएमसी विधायक बागी हो चुके हैं और एक नया नेता विपक्ष भी चुन लिया गया है। इस बीच, ममता बनर्जी अब दिल्ली की राजनीति में कदम रखने की योजना बना रही हैं। इसके लिए उन्हें लोकसभा में जाना है। मौजूदा स्थिति के अनुसार, ममता को किसी सांसद से इस्तीफा दिलवाना होगा। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने टीएमसी के बहरामपुर से सांसद यूसुफ पठान से इस बारे में बात की, लेकिन पठान ने मना कर दिया।


यूसुफ पठान का इस्तीफा देने से इनकार

सूत्रों के अनुसार, ममता बनर्जी को यह सुनकर झटका लगा कि यूसुफ पठान ने इस्तीफा देने से साफ मना कर दिया। ममता चाहती थीं कि पठान बहरामपुर सीट से इस्तीफा दें ताकि वह उपचुनाव में खुद उम्मीदवार बन सकें। बहरामपुर में मुस्लिम आबादी 50 प्रतिशत से अधिक है, जिससे ममता को यहां से चुनाव लड़ने में सुरक्षा का एहसास होता। हालांकि, यह आसान नहीं होगा, क्योंकि कांग्रेस के पूर्व सांसद अधीर रंजन चौधरी भी इस क्षेत्र से लंबे समय तक सांसद रहे हैं।


टीएमसी में और इस्तीफे

यदि यूसुफ पठान इस्तीफा भी देते, तो भी ममता के लिए चुनाव जीतना आसान नहीं होता। अधीर रंजन चौधरी कांग्रेस की ओर से मैदान में होते और उनका पुराना चेहरा होने के कारण उन्हें लाभ मिलता। लेकिन पठान ने पहले ही इस्तीफा देने से मना कर दिया है। अब जब तक ममता किसी अन्य सांसद को इस्तीफा देने के लिए राजी नहीं करवा लेतीं, तब तक उनका लोकसभा पहुंचना मुश्किल है। सूत्रों के अनुसार, टीएमसी के 20 सांसद भी पार्टी छोड़ने की योजना बना रहे हैं।


फिरहाद हकीम का इस्तीफा

इस बीच, तृणमूल कांग्रेस को एक और झटका लगा है। टीएमसी के वरिष्ठ नेता फिरहाद हकीम ने शुक्रवार को कोलकाता नगर निगम के महापौर पद से इस्तीफा दे दिया। हकीम ने कहा कि वह उचित तरीके से काम नहीं कर पा रहे थे, इसलिए उन्होंने यह निर्णय लिया। उन्होंने ममता बनर्जी की सहमति के बाद गर्व से अपना इस्तीफा सौंपा। विधानसभा चुनावों में हार के बाद पार्टी में चल रही उथलपुथल के बीच, हकीम ने अपने इस्तीफे से पहले संवाददाता सम्मेलन में अपने कार्यकाल पर संतोष व्यक्त किया और केएमसी अधिकारियों तथा कोलकाता के नागरिकों का धन्यवाद किया।