पूर्वी मेदिनीपुर: एक ऐतिहासिक और भौगोलिक दृष्टिकोण

पूर्वी मेदिनीपुर जिला, जो 2002 में मेदिनीपुर से अलग हुआ, एक ऐतिहासिक और भौगोलिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण क्षेत्र है। तामलुक इसका मुख्यालय है, जो प्राचीन बंदरगाह के रूप में जाना जाता है। जिले की साक्षरता दर 87.66% है और यह 16 विधानसभा क्षेत्रों में विभाजित है। जानें इस जिले की राजनीतिक स्थिति और विकास के बारे में अधिक जानकारी।
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पूर्वी मेदिनीपुर: एक ऐतिहासिक और भौगोलिक दृष्टिकोण gyanhigyan

पूर्वी मेदिनीपुर का गठन और इतिहास

1 जनवरी 2002 को मेदिनीपुर जिले को विभाजित करके पूर्वी मेदिनीपुर जिले का निर्माण किया गया, जिसका मुख्यालय तामलुक है। इस जिले का इतिहास मयूर ध्वज वंश के राजा ताम्रध्वज से जुड़ा हुआ है। तामलुक का नाम संस्कृत के 'ताम्रलिप्त' शब्द से लिया गया है, जिसका अर्थ है 'तांबे से भरा हुआ'।


भौगोलिक स्थिति

तामलुक एक प्राचीन बंदरगाह शहर रहा है, जो व्यापार के लिए महत्वपूर्ण था। महाभारत में इसे ताम्रलिप्ता के नाम से जाना गया है। यह जिला दक्षिण में बंगाल की खाड़ी, पश्चिम में सुवर्णरेखा और पूर्व में रूपनारायण नदी से घिरा हुआ है। यहां द्वारकेश्वर और शिलाई नदियों का संगम रूपनारायण नदी में होता है।


जिले की संरचना

पूर्वी मेदिनीपुर जिला चार तहसीलों में विभाजित है, जिसमें कुल 25 ब्लॉक और 29 पुलिस थाने शामिल हैं। यह बर्दवान मंडल का हिस्सा है और 2006 में इसे देश के 250 सबसे पिछड़े जिलों में शामिल किया गया था। जिले की जनसंख्या लगभग 50 लाख है, जिसमें साक्षरता दर 87.66% है।


राजनीतिक परिदृश्य

जिले में 16 विधानसभा क्षेत्र हैं, जो तामलुक और कांथी लोकसभा सीटों में विभाजित हैं। वर्तमान में तामलुक से बीजेपी के अभिजीत गांगोपाध्याय और कांथी से सौमेंदु अधिकारी सांसद हैं। जिले की राजनीति में सुवेंदु अधिकारी परिवार का महत्वपूर्ण स्थान है।


विधानसभा सीटों की जानकारी

  • तामलुक
  • पांस्कुरा पुरबा
  • पांस्कुरा पश्चिम
  • मोयना
  • नंदकुमार
  • चांदीपुर
  • महिसदल
  • हल्दिया
  • नंदीग्राम
  • पटास्पुर
  • भगवानपुर
  • एग्रा
  • कांथी उत्तर
  • खेजुरी
  • कांथी दक्षिण
  • रामनगर


जिले की स्थिति

क्षेत्रफल: 4,736 वर्ग किमी
साक्षरता दर: 87.66%
विधानसभा सीटें: 16
नगर पालिका: 5
ब्लॉक: 25
ग्राम पंचायत: 223
गांव: 3500