केरल कांग्रेस नेता का विवादास्पद वीडियो, महिलाओं को सियासी हथियार बनाने की सलाह

केरल कांग्रेस के एक नेता का विवादास्पद वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें वह पार्टी कार्यकर्ताओं को महिलाओं को सियासी हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं। इस बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। सीपी मैथ्यू ने कहा कि महिलाओं को झगड़ों में शामिल किया जाए और उनके कपड़े फाड़कर शिकायत दर्ज कराई जाए, जिससे विरोधियों के खिलाफ मामले मजबूत हो सकें। इस पर विरोधी दलों ने कांग्रेस पर कानून के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। जानें इस विवाद की पूरी कहानी।
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केरल कांग्रेस नेता का विवादास्पद वीडियो, महिलाओं को सियासी हथियार बनाने की सलाह

विवादास्पद बयान से बढ़ा सियासी तापमान

केरल कांग्रेस के एक नेता का एक विवादास्पद वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। इस वीडियो में वह पार्टी कार्यकर्ताओं को सलाह देते हुए नजर आ रहे हैं कि वे सियासी प्रतिद्वंद्विता में महिलाओं का उपयोग करें। उनके इस अपमानजनक बयान ने केरल की राजनीतिक स्थिति को गरमा दिया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यूडीएफ उम्मीदवार रॉय के पॉलोस के समर्थन में वाझाथोप में एक रैली का आयोजन किया गया, जहां इडुक्की जिला कांग्रेस कमेटी (DCC) के अध्यक्ष सीपी मैथ्यू ने यह विवादास्पद टिप्पणी की।


महिलाओं को विवाद में शामिल करने की सलाह

इस वीडियो में, मैथ्यू ने पार्टी कार्यकर्ताओं को सलाह दी कि वे झगड़ों के दौरान महिलाओं को शामिल करें और उनके कपड़े फाड़कर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि राजनीतिक विरोधियों को फंसाया जा सके। उन्होंने विशेष रूप से अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की महिलाओं को विवाद में शामिल करने का सुझाव दिया, जिससे एससी-एसटी एक्ट के तहत गंभीर मामले दर्ज किए जा सकें। उनका कहना था कि यदि टकराव की स्थिति उत्पन्न होती है, तो महिलाएं अपने कपड़े फाड़कर शिकायत कर सकती हैं, जिससे राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ मामले मजबूत होंगे।


विरोधी दलों की प्रतिक्रिया


जी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, सीपी मैथ्यू ने एक महिला नेता का नाम लेते हुए कहा कि उनकी अगुवाई में एलडीएफ के प्लेक्स बोर्डों को रौंदा गया। उन्होंने यह भी कहा कि यदि एलडीएफ के लोग आएं, तो महिला नेता को निर्देश दिया गया था कि वह अपना ब्लाउज फाड़ दे, क्योंकि वह आदिवासी हैं, जिससे विभाग का रवैया भिन्न होगा।


इस बीच, कांग्रेस पर कानून के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए विरोधी दलों ने कहा है कि यह चुनाव को प्रभावित करने और विरोधियों को फंसाने की एक सोची-समझी रणनीति है।