असम, केरल और पुडुचेरी में मतदान के आंकड़े: क्या कहता है बढ़ता वोटिंग प्रतिशत?

असम, केरल और पुडुचेरी में हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में रिकॉर्ड मतदान हुआ है। असम में 85.91%, केरल में 78.27% और पुडुचेरी में 89.87% वोट डाले गए हैं। इन आंकड़ों ने राजनीतिक दलों के बीच हलचल मचा दी है। बीजेपी, कांग्रेस और लेफ्ट के बीच की प्रतिस्पर्धा को समझने के लिए पिछले चुनावों के ट्रेंड का विश्लेषण किया गया है। क्या बढ़ता मतदान प्रतिशत चुनावी परिणामों को प्रभावित करेगा? जानें इस लेख में।
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असम, केरल और पुडुचेरी में मतदान के आंकड़े: क्या कहता है बढ़ता वोटिंग प्रतिशत? gyanhigyan

मतदान का हाल

असम, पुडुचेरी और केरल की सभी विधानसभा सीटों पर मतदान संपन्न हो चुका है। हालांकि, वोटों की गिनती में अभी समय लगेगा, लेकिन मतदान के प्रतिशत ने सभी राजनीतिक दलों को सतर्क कर दिया है। तीनों क्षेत्रों में रिकॉर्ड मतदान हुआ है, जिससे विभिन्न राजनीतिक विश्लेषण किए जा रहे हैं। असम में 85.91%, केरल में 78.27% और पुडुचेरी में 89.87% वोट डाले गए हैं। ये आंकड़े अभी अंतिम नहीं हैं, और इसमें और वृद्धि की संभावना है।


राजनीतिक परिदृश्य

असम में पिछले 10 वर्षों से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सरकार है, जबकि केरल में लेफ्ट डेमोक्रैटिक फ्रंट (LDF) और पुडुचेरी में एनडीए की सरकार है। कांग्रेस को उम्मीद है कि वह असम, केरल और पुडुचेरी में वापसी कर सकेगी। वहीं, बीजेपी का लक्ष्य असम में अपनी स्थिति मजबूत करना और केरल में भी अपनी पकड़ बनाना है।


असम में वोटिंग का प्रभाव

असम में 2016 से पहले बीजेपी की सरकार नहीं थी। कांग्रेस और अन्य दलों ने सत्ता में रहकर चुनाव लड़े। 2016 में बीजेपी की जीत का मुख्य कारण हिमंता बिस्वा सरमा थे, और इस बार चुनाव भी उन्हीं पर केंद्रित हैं। 2001 से 2011 तक हर चुनाव में 75% से अधिक वोट पड़े थे, और हर बार कांग्रेस ने जीत हासिल की थी। 2016 में बीजेपी ने 14% की बढ़ोतरी के साथ जीत दर्ज की।


केरल में वोटिंग का विश्लेषण

केरल में पिछले चुनावों में हमेशा 70% से अधिक वोटिंग होती रही है। 2006 से 2011 तक लेफ्ट की सरकार थी, और 2011 में वोटिंग में 2.5% की बढ़ोतरी के साथ कांग्रेस ने सत्ता में वापसी की। 2016 में भी यही ट्रेंड देखने को मिला। 2021 में वोटिंग प्रतिशत में कमी आई, फिर भी लेफ्ट ने जीत हासिल की। 2026 में वोटिंग प्रतिशत में बढ़ोतरी ने कांग्रेस को उत्साहित किया है।


पुडुचेरी का चुनावी इतिहास

पुडुचेरी में कांग्रेस की स्थिति पहले मजबूत थी, लेकिन एन रंगासामी की नई पार्टी ने इसे कमजोर किया। 2016 में कांग्रेस-डीएमके गठबंधन ने सरकार बनाई। 2001 में 70% वोटिंग के साथ कांग्रेस ने जीत हासिल की थी। 2016 में भी सरकार बदली। 2026 में वोटिंग में 8% की बढ़ोतरी हुई है, जो चुनावी परिणामों को प्रभावित कर सकती है।