पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: TMC नेताओं की चुनाव आयोग से तीखी नोकझोंक

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की तैयारियों के बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेताओं ने चुनाव आयोग से मुलाकात की, जिसमें उन्हें केवल 7 मिनट में 'Get Lost' कहकर बाहर भेज दिया गया। TMC सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने इस घटना को शर्मनाक बताया और आरोप लगाया कि चुनाव आयोग बीजेपी के इशारे पर काम कर रहा है। उन्होंने चुनाव आयोग के अधिकारियों पर गलत व्यवहार का आरोप लगाया और सभी विपक्षी दलों की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की घोषणा की। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी और चुनाव की तारीखें।
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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: TMC नेताओं की चुनाव आयोग से तीखी नोकझोंक

चुनाव आयोग से TMC की मुलाकात

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों की तैयारियां जोर पकड़ रही हैं। इसी क्रम में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार सुबह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात की। इस बैठक के बाद TMC के नेताओं ने आरोप लगाया कि केवल 7 मिनट की बातचीत में CEC ने उन्हें 'Get Lost' यानी निकल जाने के लिए कह दिया। ममता बनर्जी की पार्टी के नेता अधिकारियों के ट्रांसफर और अन्य मुद्दों पर अपनी शिकायतें लेकर CEC के पास पहुंचे थे। TMC सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने बताया कि इस मामले पर बीजेपी विरोधी दल आज शाम 4 से 4:30 बजे के बीच एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करेंगे।


TMC के आरोप

TMC लगातार यह आरोप लगा रही है कि पश्चिम बंगाल में बीजेपी के इशारे पर अधिकारियों के ट्रांसफर किए जा रहे हैं। इसके अलावा, SIR के संदर्भ में भी TMC का कहना है कि जानबूझकर उन सीटों और जिलों में वोट काटे गए हैं जहां तृणमूल कांग्रेस ने जीत हासिल की है। भबानीपुर में नामांकन दाखिल करने के बाद ममता बनर्जी ने भी इस बात का दुख व्यक्त किया कि SIR के कारण कई लोगों के नाम हटा दिए गए हैं। डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि चुनाव आयोग के अधिकारियों को डेकोरम बनाए रखना चाहिए और चिल्लाना या गलत व्यवहार करना उचित नहीं है।


डेरेक ओ ब्रायन का बयान

TMC सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने CEC से मुलाकात के बाद कहा, 'पहले हमें चुनाव आयोग के गेट पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की अनुमति थी, लेकिन अब इसकी भी अनुमति नहीं है। मैं, मेनरा गुरुस्वामी, साकेत गोखले और सागरिका घोष CEC से मिलने गए थे। 7 मिनट की मीटिंग में ही CEC ने हमें कहा कि निकल जाओ। हम लोकसभा में दूसरी सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी हैं और हमें ऐसा कहा गया। हम वहां से चले गए।'



उन्होंने आगे कहा, 'हमने CEC को 9 पत्र दिखाए जो TMC की प्रमुख ने चुनाव आयोग को लिखे थे, लेकिन इनका कोई जवाब नहीं मिला। हमने 6 उदाहरण दिए जिनमें अधिकारी बीजेपी से जुड़े हुए हैं और चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा हैं। इसमें मुख्य चुनाव अधिकारी का उदाहरण भी शामिल है जो बीजेपी के लोगों के साथ थे। हमने उनसे पूछा कि आप निष्पक्ष चुनाव कैसे कराना चाहते हैं? इसके बाद उन्होंने कहा कि हमें निकल जाना चाहिए।'


डेरेक ओ ब्रायन की प्रतिक्रिया

डेरेक ओ ब्रायन ने कहा, 'मैं 22 साल से TMC में हूं और 16 साल से संसद में। हमने कई अधिकारियों से मुलाकात की है, लेकिन आज जो हुआ वह शर्मनाक है। मैं CEC को चुनौती देता हूं कि आज जो हुआ, उसका वीडियो या ऑडियो जारी करें। जब हम वहां से निकल रहे थे, हमने उन्हें बधाई दी कि वह अब तक के इकलौते CEC हैं जिन्हें हटाने के लिए लोकसभा और राज्यसभा में नोटिस दिया गया है। सभी विपक्षी दल आज शाम को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे।'


चुनाव आयोग का ट्वीट

इस बैठक के तुरंत बाद चुनाव आयोग ने एक ट्वीट किया, जिसमें कहा गया, 'चुनाव आयोग की तृणमूल कांग्रेस को स्पष्ट संदेश। पश्चिम बंगाल में इस बार चुनाव: भय रहित, हिंसा रहित, धमकी रहित, प्रलोभन रहित, छापा रहित, बूथ एवं सोर्स जामिंग रहित होंगे।' मीडिया से बातचीत में डेरेक ओ ब्रायन ने इस ट्वीट को पढ़कर चुनाव आयोग पर आरोप लगाए और उन्हें चोर कहा। SIR के तहत वोट कटने के मामले पर उन्होंने कहा कि यह अब चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट के बीच है।


चुनाव की तारीखें

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव दो चरणों में होंगे। पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को होगा, जबकि दूसरे चरण की वोटिंग 29 अप्रैल को होगी। चुनाव के परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे।